ऑटो-तेल उद्योग का दावा: ई20 पेट्रोल से माइलेज में हल्की कमी, लेकिन किसानों और देश को बड़ा फायदा
Ethanol Blend Petrol E20: इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) इस्तेमाल करने से वाहनों की माइलेज में 2-4% तक की मामूली कमी हो सकती है, लेकिन इसके फायदे कहीं ज्यादा हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, माइलेज में गिरावट ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक और एयर कंडीशनिंग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा थोड़ी कम होती है, लेकिन इसका इंजन या वाहन की वारंटी पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
कुछ लोगों ने E20 पेट्रोल को लेकर इंश्योरेंस और वारंटी संबंधी गलत धारणाएँ बनाई हैं, लेकिन वाहन निर्माता कंपनियां पूरी वारंटी मानती हैं। पिछले वर्षों में लाखों वाहन E20 पर चल चुके हैं और किसी भी तकनीकी समस्या की रिपोर्ट नहीं आई है। अध्ययन और परीक्षण यह साबित करते हैं कि वाहन संचालन पर इसका कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता।
सबसे बड़ा फायदा किसानों को हो रहा है। इथेनॉल के उत्पादन और खरीद से उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, देश को कच्चे तेल के आयात में कमी और विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है। 2025 तक अनुमानित लाभ में हजारों करोड़ रुपये की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी शामिल है। यह कदम भारत को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित करता है और सतत ईंधन क्षेत्र में मजबूत स्थिति देता है।
इथेनॉल मिश्रण से देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। इससे न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि जो पैसा पहले विदेशों में तेल आयात पर खर्च होता था, अब वह घरेलू अर्थव्यवस्था और किसानों तक पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होती हैं। लंबे समय में, यह कदम पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही माइलेज में थोड़ी कमी हो, लेकिन इसके लाभ—किसानों की आमदनी, विदेशी मुद्रा की बचत, प्रदूषण में कमी और ऊर्जा सुरक्षा—काफी बड़े हैं। भारत का यह प्रयास न केवल आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से फायदेमंद है, बल्कि देश को सतत और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में ले जा रहा है।