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 श्रावण भादौ मास में आज से एक घंटे जल्दी खुलेंगे मंदिर के पट

 भगवान श्री महाकाल प्रति सोमवार रात ढाई बजे जागेंगे
 
 कावड यात्रियों के लिए मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार 4 दिन निर्धारित,अन्य दिनों में अनुमति नहीं               

 

उज्जैन, 29 जुलाई (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। गुरूवार से शुरू हो रहे श्रावण मास में भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण-भादौ मास में भस्म आरती पर मंदिर के पट खुलने के समय में परिवर्तन रहेगा। भस्म आरती 30 जुलाई 2026 से 07 सितम्बर 2026 तक प्रात:कालीन पट खुलने का समय प्रात: 03.00 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय प्रात: 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन प्रात: 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 08 सितम्बर से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा। वर्तमान में मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुल रहे थे।

मंदिर प्रबंध समिति के जनसंपर्क अधिकारी आशीष फलवाडिया के अनुसार श्रावण-भादौ मास के दौरान अत्यधिक संख्या में कावड़ यात्रियों का आगमन होना निर्धारित रहता है। आगंतुक कावड़ यात्रियों की जल अर्पण की व्यवस्था के लिए सप्ताह में 04 दिवस मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार की गई है।  कावड़ यात्री दल को द्वार नंबर 01 एवं हरसिद्धि चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार, रविवार तथा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक होने के फलस्वरूप किसी भी कावड़ दल को अनुमति जारी नही की जाएगी।

ये रहेगी श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था
मंदिर में सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ मास में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नन्दी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेन्टर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से श्रद्धालु भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। साथ ही नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिये प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र के माध्यम से रहेगी।

शीघ्र दर्शन व्यवस्था ऐसी रहेगी
शीघ्र दर्शन व्यवस्था- 01- हरसिद्धि चौराहा से बैरिकेट के रास्ते होकर द्वार नंबर 05 से विश्रामधाम, सभा मण्डपम्, गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे। इसी तरह शीघ्र दर्शन के लिए दूसरी  व्यवस्था द्वार नंबर 01 विश्रामधाम से होकर सभा मण्डपम्, गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे।

कलेक्टर ने प्रशासनिक अमले के साथ व्यवस्था परखी
श्रावण माह में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मंगलवार रात  को श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था, आवागमन, सुरक्षा, निर्माण कार्यों तथा यातायात प्रबंधन का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

निरीक्षण के दौरान एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मौजूद थे। प्रशासक प्रथम कौशिक ने उन्हें श्रावण महिने में श्रद्धालुओं के दर्शन व्यवस्था के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी तथा निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्गों का पैदल भ्रमण करते हुए बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था, जूता स्टैंड, 250 रूपए के विशेष दर्शन टिकट धारकों के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं के साथ ही कांवड़ यात्रियों के प्रवेश मार्ग, जल अर्पण व्यवस्था, भस्म आरती के दौरान की जाने वाली व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित मार्गों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।