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 आपदा प्रबंधन के लिए नई तकनीक की ताकत का इस्तेमाल होगा

 सिंहस्थ-2028 में अग्निशमन रोबोट तैनाती होगी
 
 विशेषज्ञों ने दिया लाइव डेमो, निगम कर्मचारियों को संचालन भी बताया

 

उज्जैन, 27 जून (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। सिंहस्थ -2028 में आपदा प्रबंधन के लिए नई तकनीक की ताकत का इस्तेमाल होगा। इसक चलते अग्निशमन रोबोट, एटीवी एवं क्यूआरवी (CAFS सहित) ऑल टेरेन व्हीकल (ATV) एवं क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) को कम्प्रेस्ड एयर फोम सिस्टम (CAFS) से सुसज्जित तैनात किए जाएंगे। फायर ड्रोन एवं वायवीय निगरानी प्रणाली के तहत यूएवी (ड्रोन) आधारित तकनीक से मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।

उज्जैन में एक मजबूत, आधुनिक, तकनीक-संचालित एवं त्वरित आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली विकसित करना, जो राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं के अनुरूप होने के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप भी पूरी तरह सक्षम हो। अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के लिए नई तकनीक की ताकत का इस्तेमाल होगा। इसे लेकर विशेषज्ञों ने शुक्रवार को लाईव डेमों दशहरा मैदान में कलेक्टर रोशनकुमारसिंह एवं निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ आमजन के समक्ष दिया है।

डेमों में कर्मचारियों ने संचालन सीखा
सिंहस्थ 2028 की व्यापकता, श्रद्धालुओं की भीड़ और गतिशील जोखिमों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को दशहरा मैदान पर अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन का लाइव किया गया। अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. पी.एस. राँहागडाले एवं टीम द्वारा आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, मशीनों एवं नई तकनीकों का प्रदर्शन इस दौरान किया गया है।लाइव डेमो के दौरान नगर निगम के फायर कर्मचारियों को अत्याधुनिक अग्निशमन संसाधनों के संचालन, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।

आयुक्त बोले शहर की प्राथमिक जरूरत
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने इस दौरान कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल सिंहस्थ महापर्व की आवश्यकता नहीं, बल्कि वर्तमान समय में पूरे शहर की प्राथमिक जरूरत है। आधुनिक तकनीकों और नवीन उपकरणों के उपयोग से संकरी गलियों, घाट क्षेत्रों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी त्वरित एवं प्रभावी अग्निशमन सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। निगम आयुक्त ने कहा कि इस प्रशिक्षण और लाइव प्रदर्शन से नगर निगम की फायर टीम को नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में आपातकालीन परिस्थितियों से बेहतर ढंग से निपटा जा सकेगा।

ये है प्रस्तावित आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली
प्रस्तावित आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली के प्रमुख घटक इस दौरान प्रदर्शित किए गए। जिसमें उन्नत अग्नि प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत एटीवी एवं क्यूआरवी (CAFS सहित) ऑल टेरेन व्हीकल (ATV) एवं क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) को कम्प्रेस्ड एयर फोम सिस्टम (CAFS) से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे संकरी गलियों, घाट मार्गों और अत्यधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में भी त्वरित अग्निशमन संभव होगा।

अग्निशमन रोबोट प्रणाली में उच्च घनत्व वाली भीड़ और जोखिमपूर्ण स्थानों पर अग्निशमन रोबोट की तैनाती से बिना मानव जीवन को खतरे में डाले प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकेंगे। ये दूर-संचालित एवं स्वायत्त इकाइयाँ खतरनाक क्षेत्रों में भी कार्य करने में सक्षम हैं।

फायर ड्रोन एवं वायवीय निगरानी प्रणाली के तहत यूएवी (ड्रोन) आधारित तकनीक के माध्यम से विशाल मेला क्षेत्र की रियल-टाइम निगरानी, थर्मल इमेजिंग, आग की त्वरित पहचान एवं क्षति का आकलन किया जा सकेगा, जिससे राहत कार्यों की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी।

प्री-फैब्रिकेटेड एवं मोबाइल कंट्रोल सिस्टम के तहत शीघ्र स्थापित होने वाली मोबाइल एवं प्री-फैब्रिकेटेड अवसंरचना के माध्यम से सिंहस्थ क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार कमांड एवं कंट्रोल सेंटर को कम समय में स्थापित, स्थानांतरित और विस्तारित किया जा सकेगा।