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लापरवाही का काम देख ठेकेदारों पर पैनल्टी की कार्यवाही की गई,गुस्साए आयुक्त, निर्माण कंपनियों पर 66 लाख पेनल्टी ठोकी

 

उज्जैन,03 नवंबर(इ खबर  टुडे/ ब्रजेश परमार ) । धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा गुस्सा गए हैं। उन्होंने सीधे –सीधे ऐसे ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाने का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान ऐसी ही स्थितियों के चलते टाटा सहित 3 ठेका एजेंसियों पर 65 लाख एवं एक कंसलटेंट एजेंसी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।

सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन एवं बेहतर यातायात प्रबंधन को लेकर शहर के  विभिन्न प्रमुख मार्गों पर चौड़ीकरण कार्य प्रचलित हैं। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों के साथ प्रमुख सड़क चौड़ीकरण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया । आयुक्त श्री मिश्रा ने प्रत्येक स्थल पर कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों से कार्य की विस्तृत जानकारी लेकर समीक्षा की।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ महापर्व का समय नजदीक है, इसलिए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में ही पूर्ण किए जाएं। जिन कार्यों में अपेक्षित गति नहीं है, वहां अतिरिक्त श्रमिक एवं आवश्यक संसाधन बढ़ाते हुए कार्य की गति तत्काल बढ़ाई जाए। निर्माण कार्य के दौरान मलबे को हटाए एवं नाली निर्माण ,सड़क निर्माण, पोल शिफ्टिंग, नल कनेक्शन आदि कार्यों को गति प्रदान करे। ने चौड़ीकरण कार्यों की धीमी गति पर नाराज़गी व्यक्त करते सम्बन्धित ठेकेदारों द्वारा लापरवाही पाए जाने पर पैनल्टी की कार्यवाही की ।

 

ठेकेदार पर 20 लाख, कंसल्टेड पर1लाख -

नीलकंठ से महाकाल चौराहे पर प्रचलित चौड़ीकरण कार्य लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से 370 मीटर लंबे मार्ग को 24 मीटर चौड़ा किए जाने का है। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिये कि तुड़ाई कार्य के दौरान पड़े मलबे को ठेकेदार संसाधनों से तुरंत हटाएं। तुड़ाई कार्य के पश्चात ले आउट के अनुसार 100 मीटर की नाली निर्माण का कार्य पूर्ण करे। चौड़ीकरण मार्ग पर भवनों की तुड़ाई कार्य में धीमी गति एवं लापरवाही पाए जाने पर निगम आयुक्त ने सम्बन्धित एजेंसी योगेश इंटरप्राइजेस पर 20 लाख की पेनल्टी सहित कंसलटेंट एजेंसी टेक्नोजेम पर ड्राइंग डिजाइन नहीं रखे जाने पर 1 लाख की पेनल्टी की गई।

24 खंबा से हरसिद्धि पाल-

यह मार्ग 650 मीटर लंबा है एवं 18 मीटर चौड़ाई के साथ चौड़ीकरण किया जा रहा है। निगम आयुक्त द्वारा मार्ग पर शेष भवनों की तुड़ाई कार्य को गति बढ़ाए जाने के साथ नाली निर्माण के दौरान प्री कास्ट करने ,नल कनेक्शन, सभी कार्यों को गुणवत्ता पूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

 

ठेकेदार पर 25 एवं टाटा पर 20 लाख पेनल्टी
निगम आयुक्त ने प्रचलित रामानुज कोट से दानी गेट तक 470 मीटर लंबाई के साथ 18 मीटर चौड़ाई के साथ मार्ग को चौड़ीकरण का निरीक्षण किया। कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ठेकेदार निर्माण कार्य में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन एवं श्रमिक लगाए जाएं, ताकि कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो सके, ठेकेदार द्वारा नाली निर्माण, बाउंड्री वॉल आदि निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री के नहीं पाए जाने पर एवं कार्य की गति नहीं पाए जाने पर संबंधित एजेंसी विजय इंफ्रा पर 25 लाख की पेनल्टी की गई। वही टाटा कंपनी के द्वारा नाला क्रॉस के दौरान 1600 एम एम की पाइप लाइन नहीं डालने पर 20 लाख पेनल्टी की गई।

महत्वपूर्ण भूमिका,नियमित निरीक्षण करें-
आयुक्त श्री मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सिंहस्थ महापर्व के लिए शहर में किए जा रहे प्रत्येक निर्माण कार्य नगर निगम की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में कार्य की गति धीमी रखने अथवा निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए । उन्होंने अधिकारियों को भी नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय, कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी, साहिल मैदावाला, राहुल चौहान, पलाश शर्मा भवन अधिकारी राजकुमार राठौर सहित संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार उपस्थित रहे।