श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को दो दिन दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसने की शुरूआत
उज्जैन, 28 जुलाई (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। श्री महाकालेश्वर अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को प्रसादी के रूप में दो दिन दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसने की शुरूआत की गई है। अब तक अन्नक्षेत्र में मेन्यू के तहत सप्ताह के सभी दिनों में रोटी,पूडी,दाल,चावल,मौसमी सब्जी,एवं मीठा ही परोसा जाता था। मंगलवार से दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसने की शुरूआत की गई है।
मंगलवार सुबह भगवान श्री महाकालेश्वर को रजत थाली एवं पात्रों में अन्नक्षेत्र से दक्षिण भारतीय व्यंजनों का ही भोग लगाया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं को अन्नक्षेत्र में प्रसादी रूप में इसकी परोसगारी की गई। मंदिर के अन्नक्षेत्र में प्रति दिन करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी परोसी जाती है।
मंदिर प्रबंध समिति के निर्णय के अनुसार अब प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालुओं को सांभर, इडली / वड़ा, स्टीम चावल, मौसमी सब्जी एवं पोंगल प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। इसी प्रकार प्रत्येक शुक्रवार श्रद्धालुओं को पुलिहोरा, पायसम , रसम, मौसमी सब्जी एवं स्टीम चावल का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
"रस संगमम्" — अर्थात् विभिन्न स्वादों, व्यंजनों एवं संस्कृतियों का संगम। "एक भारत, अनेक परंपराएँ" की भावना को साकार करते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं के लिए एक अभिनव पहल प्रारंभ की है। इस पहल के अंतर्गत श्री महाकालेश्वर मंदिर के निःशुल्क अन्नक्षेत्र में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को दक्षिण भारतीय पारंपरिक प्रसादम् का वितरण प्रारंभ किया गया है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "रस संगमम् – एक भारत, अनेक परंपराएँ" पहल केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की विविध पाक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, स्वादों और भावनाओं को एक सूत्र में जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना, राष्ट्रीय एकात्मता एवं सांस्कृतिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करना तथा "विविधता में एकता" और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के संदेश को प्रसाद के माध्यम से साकार करना है। यह पहल महाकाल की नगरी में आने वाले देशभर के श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति की विविधता का आत्मीय अनुभव प्रदान करते हुए राष्ट्रीय एकता के भाव को और अधिक सशक्त बनाएगी।