उज्जैन : पालकी में सवार होकर श्री मनमहेश स्वरूप में महाकाल पहुंचे दशहरा मैदान , मंदिर के गर्भगृह में होल्कर मुघौटे में सजे
उज्जैन,20 अक्टूबर(इ खबर टुडे) । मंगलवार को विजयादशमी पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर उत्सव केंद्रित रहा है। परंपरा अनुसार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी अपरांह् 4 बजे मंदिर से निकली। पालकी में भगवान श्री मनमहेश रूप में सवार होकर निकले। दशहरा मैदान पर भगवान का पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही शमी पूजन किया गया।इस दौरान मंदिर के गर्भगृह में भगवान का होल्कर मुघौटे में श्रृंगार किया गया। सवारी पर ड्रोन से 500 किलो फूलों की वर्षा की गई। सवारी के साथ लोक कला दल एवं मंडलियां शामिल रही।
मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक एवं जनसंपर्क अधिकारी अशीष फलवाडिया के अनुसार वर्ष में एक दिन विजयादशमी महापर्व के अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी नए शहर में जाने की परंपरा के तहत यह सवारी निकाली गई। अपराह्न 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से प्रारंभ हुई। पालकी के मंदिर के मुख्य द्वार पहुंचने पर मध्यप्रदेश सशस्त्र पुलिस बल ने पालकी में विराजमान भगवान श्री मनमहेश को सलामी दी । इसके उपरांत सवारी अपने निर्धारित मार्ग से होती हुई दशहरा मैदान पहुंची। यहां पर भगवान का पालकी स्वागत एवं पूजन किया गया। मनमहेश जी तथा शमी वृक्ष का पूजन परंपरानुसार किया गया।
सवारी में भगवान के स्वागत के लिए पालकी पर ड्रोन से पुष्पों की वर्षा की गई। सवारी मार्ग पर लाइव पेंटिंग की गई, संपूर्ण सवारी मार्ग करीब 6 किलोमीटर मार्ग में लगभग 1 लाख स्क्वेयर फीट में रंगोली बनाई गई। सवारी के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर बैण्ड एवं पुलिस बैंड ने पूरे मार्ग पर शानदार प्रस्तुति दी । सवारी में लगभग 10 आदिवासी जनजाति नृत्य दल की प्रस्तुति शामिल रही। सवारी में साथ चल रहे 05 एल.ई.डी. रथों से लाईव प्रसारण किया गया । सवारी में 10 भजन मण्डलियां सम्मिलित रही। 300 वैदिक बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण सवारी के साथ-साथ किया गया। इसके साथ ही सवारी में रजत ढोल का वादन, तोपची कडाबीन, भारत स्काउट गाइड, कांग्रेस सेवा दल, मार्ग उद्घोषक आदि साथ रहे।
सवारी के दशहरा मैदान रवाना होने के उपरांत मंदिर के गर्भगृह में संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर को श्री होल्कर (मुखारविंद) स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर परंपरानुसार भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए गए। मंगलवार सुबह मंदिर के शिखर पर उज्जैन तहसील की और से ध्वजा आरोहण किया गया।ध्वजा का पूजन महानिर्वाणी अखाडा श्री महाकालेश्वर मंदिर के महंत श्री विनित गिरी महाराज ने किया। मौजूद श्रद्धालुओं ने इस दौरान भगवान का जयघोष किया और धर्म ध्वजा आरोहण के उत्सव के साक्षी बने।
सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से प्रस्थान कर गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, टॉवर चौक, शहीद पार्क, घास मंडी चौराहा, माधवनगर हॉस्पिटल, पुलिस कंट्रोल रूम, एल.आई.सी. ऑफिस होते हुए लिनन शोरूम के समीप की गली से दशहरा मैदान पहुंची।
पूजन उपरांत वापसी यात्रा मार्ग दशहरा मैदान से श्री गंगा होटल मार्ग, देवास रोड, तीन बत्ती चौराहा, माधव क्लब रोड, धन्नालाल की चाल, लोकनिर्माण विभाग कार्यालय, फ्रीगंज ओवरब्रिज, संख्याराजे धर्मशाला, देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज चौराहा, इंदौर गेट, गदापुलिया, हरिफाटक ब्रिज, बेगमबाग और कोट मोहल्ला चौराहा से होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर रहा।