पीपलीनाका - भैरवगढ, गेल से नीलगंगा आदि गरीब क्षेत्रों में अधिक चौडीकरण का विरोध
उज्जैन,06 मार्च(इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। गरीब क्षेत्रों पर चौडीकरण की गाज गिरने से शहर में बवाल की स्थिति बन रही है। इसी के तहत पीपलीनाका-भैरवगढ के रहवासियों ने गुरूवार को सडक पर आकर मोर्चा खोल दिया। विधायक अनिल जैन कालूहेडा के कार्यालय का घेराव किया गया। भाजपा लोकशक्ति कार्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान महिलाएं जमकर बिलख बिलखकर रोई और उन्होंने दुहाईयां भी दी। गेल से नीलगंगा मार्ग चौडीकरण को 18 मीटर किया जा रहा है। क्षेत्रीय रहवासी इसे 15 मीटर करने की मांग करते आ रहे हैं।
पीपलीनाका-भैरवगढ के साथ गढकालिका मार्ग पर भी चौडीकरण किया जाना है। इसके चलते रहवासियों ने अपने घरों के सामने फ्लैक्स लगाकर विकास का समर्थन विनाश का विरोध प्रदर्शित किया था। यहां के रहवासियों की मांग 80 फीट मार्ग की है। इसका समर्थन विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी करते हुए 24 मीटर सडक चौडीकरण की पक्षधरता की है। गेल –नीलगंगा मार्ग 18 मीटर चौडा किया जा रहा है। यहां भी रहवासियों की मांग 15 मीटर की है। दोनों ही क्षेत्र बीपीएल से भरे हुए हैं। यहां के अधिकांश रहवासियों की आर्थिक स्थिति कमजोर ही है। चौडीकरण की जद में आने वाले मकानों में कुछ का तो मात्र कुछ भाग ही बच रहा है और कुछ का अंश मात्र भाग ही बच रहा है। इससे रहवासियों में आक्रोश भडकता जा रहा है।
रहवासियों की मांग 80 फीट किया जाए
सिंहस्थ के चौडीकरण में पीपलीनाका चौराहे से सेंट्रल जेल भैरवगढ़ एक गढ़कालिका मार्ग शामिल हैं। इसके लिए नोटिस बाँट दिए हैं। इसमें मकान बड़ी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं। आज क्षेत्र के समस्त रहवासी अपना व्यवसाय बंद कर विधायक का कार्यालय घेरने पहुँचे थे।विधायक कार्यालय पर इन्होंने धरना दिया। गढ़कालिका और पीपलीनाका मार्ग का चौड़ीकरण को लेकर 7 दिन की अवधि के नोटिस रहवासियों को दिए गए हैं। योजना के अनुसार पीपली नाका चौराहा से सेंट्रल जेल चौराहे तक 100 फीट सड़क चौड़ी होना है। इसके स्थान पर रहवासी 80 फीट और गढ़कालिका मार्ग की भी चौड़ाई कम करने की माँग कर रहे हैं।इस क्षेत्र में कई लोगों के तो पूरे मकान प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में रहवासियों के सामने आवास का भी संकट है।
गरीब महिलाएं कहां जाएगी
पीपलीनाका मार्ग पर रहने वाली दो बुजुर्ग महिलाएं घरेलू कामकाज कर अपना जीवन ज्ञापन करती हैं। चौडीकरण में उनका पूरा मकान ही जद में आ रहा है। ऐसे में उनके पास रहने का ही संकट पैदा हो रहा है। उनके पास न तो किराए के पैसे हैं न ही कोई और आसरा ही है। सोश्यल मिडिया पर इन महिलाओं का विडियो वायरल हो रहा है।
महिला ने घर में आत्मदाह के लिए चाकू उठाया
चौडीकरण में विकास के पक्षधर और विनाश का विरोध करने वाले इस क्षेत्र में अधिकारी नोटिस देने पहुंचे तो एक अन्य महिला ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि हम कहां जाएंगे। अगर ऐसा है तो आज ही तुम्हारे सामने ही मर जाते हैं। इसके बाद महिला चाकू से आत्महत्या को बोल कर घर के अंदर गई जिसे पडोसियों ने ऐसा करने से रोका । इस घटनाक्रम का भी विडियो सोश्यल मिडिया पर वायरल हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं फूट-फूटकर रोती नजर आईं। स्थानीय रहवासी संगीता भारती ने रुंधे गले से बताया कि पति और बेटे को खोने के बाद वह परिवार में अकेली कमाने वाली हैं और मजदूरी कर गुजारा करती हैं। बीमारी और गरीबी के कारण उनके पास किराए के कमरे तक के पैसे नहीं हैं। वहीं, ममता सैनी ने गुहार लगाई कि छोटे बच्चों को लेकर वे कहां जाएंगी। घर टूटने के डर से लोग आत्महत्या करने की चेतावनी दे रहे हैं।
मेहमानों का ही नहीं,घर वालों का भी सोचें
चौडीकरण का विरोध करने वाली महिलाओं का कहना था कि सिंहस्थ में आने वाले मेहमान तो 2 महीने में चले जाएंगे,लेकिन इस चौडीकरण की आपदा से घर वाले सालों नहीं उबर पाएंगे। चौडीकरण विकास की स्थिति में किया जाए विनाश की स्थिति में नहीं । जब घर वाले ही चौडीकरण से पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएंगे तो मेहमाननवाजी कौन करेगा ये भी विचार किया जाना चाहिए। मात्र 2 माह के मेहमानों के लिए पूरे घर को उजाडना किसी भी स्तर पर विकास नहीं कहा जा सकता है।
विधायक अनिल जैन बोले 24 मीटर कर दिया जाए
मामले को लेकर अपने बयान में विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि जिस क्षेत्र में विकास जितना आवश्यक है, उतना ही किया जाए तो ठीक रहे। क्योंकि ऑलरेडी पहले से ही उस क्षेत्र में रोड चौड़ी है और उस क्षेत्र के निवासियों की डिमांड है कि भाई 24 मीटर कर दिया जाए। भाई 24 मीटर भी फोर-लेन, सिक्स-लेन जैसी होती है। उन्होंने अपने बयान में सवालिया स्थिति में कहा कि आवश्यक जैसे मेघदूत परिसर के सामने अधिकारियों ने वहां पर रोड डिवाइडर छोटा कर दिया, वहां आसपास के जो पाथवे थे वे छोटे करके और उसको बचाने का काम किया। ऐसे कई लोगों को यदि बचाने का काम किया है तो ये तो क्षेत्र की जनता है, गरीब जनता है और जो कि बिलख-बिलख के आज रो रही थी। आज माता और बहने भी रो रही थी। वास्तव में उनकी वेदना को समझते हैं तो ये अधिकारी वर्ग को ध्यान देना चाहिए।
विधायक ने अपने बयान में अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि भाई पाथवे तीन-तीन मीटर के बजाय मात्र डेढ़ मीटर का पाथवे कर लें। सेंटर को मात्र एक मीटर, आधा मीटर का कर लें और जितनी रोड जितनी बनना उतनी बना लें ताकि लोगों के मकान नहीं टूटें। दोनों तरफ से 10-10 फीट छूट जाए अर्थात 20 फीट छूट जाए जो ये 100 मीटर की चाहते हैं अपन चाहते हैं 80 फीट की रोड हो जाए और ताकि और जनभावनाओं का सम्मान करना हमारा कर्तव्य भी है। आज जनता के बीच में हम रहे और हमने प्रशासन को आज कलेक्टर को हमने दो-टूक शब्दों में कहा भी है कि यदि 24 मीटर से ज्यादा आपने करने का प्रयास किया तो आपका जो विधायक है वो जनता के साथ आपके सामने मिलेगा वो भी पिपली नाका के क्षेत्र में ही मिलेगा।
विधायक ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी से कल बात हुई थी और आज भी चूंकि जनभावनाओं के सम्मान के लिए आपके द्वारा भी ये बात पहुंचेगी, मैं भी रात में बात करूँगा कि साहब जनता की भावना है और एम.आर. 4 पर भी चूंकि हम 18 मीटर करते हुए ले जा रहे हैं तो रिवर्स में भी 18 मीटर ही ले जाएं। अनावश्यक गरीब वर्ग के लोगों के जो मकान बड़ी मात्रा में टूट रहे हैं, वो बड़े दुखदायी हैं। और एक मकान, एक मंदिर, पहले भी मैं कह चुका हूँ, मेरे चुनाव घोषणापत्र में भी मैंने कहा है। तो इसलिए मकानों को... भाई जनता आपके साथ खड़ी है इतने बड़े चौड़ीकरण के काम में।
विधायक ने अपने बयान में अधिकारियों पर सवालिया निशान खडे करते हुए कहा कि जो काम तेलीवाड़ा का टाइम लिमिट में हो जाना चाहिए वो आज तक अधिकारी वर्ग से हो नहीं रहा और जो काम अभी खोलना नहीं चाहिए वो परीक्षा के समय, परीक्षा के समय वो भी होली के दिन नोटिस देना, ये कौन सी जायज चीजें हैं? इस तरह कौन सा क्या मुगल काल की स्थिति है क्या यहाँ पे ? अरे यहाँ पर डॉक्टर साहब का शासन है। अधिकारियों को ध्यान में रखना चाहिए मुख्यमंत्री जी का सम्मान करते हुए और सारा काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री जी को सही बात से अवगत अधिकारियों को कराना चाहिए। मुख्यमंत्री जी को सही बात से अधिकारी अवगत नहीं कराते हैं इस कारण से कहीं न कहीं बीच में ये स्थिति बनती है।
मैं आपके माध्यम से मुख्यमंत्री जी से आह्वान करता हूँ और मैंने तो यहाँ तक कह दिया आज प्रदेश अध्यक्ष जी से कि यदि जनभावनाओं का सम्मान नहीं होगा तो आप उपचुनाव करा लें।विधायक जनता के साथ मैं हर मामले में खुलकर समर्थन में हूँ जायज कामों को लेकर के और जनता का यदि सम्मान नहीं होता है तो मुझे विधायक रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ठीक है चौड़ीकरण में जनता साथ में है। चौड़ीकरण में शहर की जनता मना नहीं कर रही है पर अधिकारी वर्ग को जो टाइम लिमिट में काम करना चाहिए। इन सब बातों से प्रदेश अध्यक्ष जी को भी अवगत कराया है और मैं हरदम जनता के साथ रहने वाला हूँ। जनता की जायज मांगों के लिए जनता के साथ हूँ। उनका कहना था कि जो भी अधिकारी गलत फीडबैक के द्वारा गलत काम करवाना चाह रहे हैं, जनता को बरगलाना चाहते हैं और इस तरह से काम नहीं होता है। जनता को साथ में लेके, जनता को विश्वास में लेकर के यदि काम किया जाएगा तो मैं हरदम साथ में खड़ा हूँ।
कांग्रेस बोली " बलपूर्वक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं"
शहर में पिपलीनाका से गढ़कालिका मंदिर होते हुए भैरवगढ़ तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जनता सड़कों पर उतर आई है। इस घटना और चौड़ीकरण की कार्रवाई पर कांग्रेस ने प्रशासन तथा प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और बलपूर्वक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में मुकेश भाटी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से प्रभावित रहवासियों की चर्चा भी कराई। नेताद्वय ने प्राचीन नगर के स्वरूप को देखते हुए सड़क की चौड़ाई कम करने और पुलिस के दबाव में की जा रही कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की है। कांग्रेस ने प्रशासन से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया है।
प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि शहर में एमपीआरडीसी और पीडब्ल्यूडी मुआवजा देते हैं, लेकिन नगर निगम भेदभाव कर रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि 2004 और 2016 के सिंहस्थ के पूर्व हुए चौड़ीकरण में सभी प्रभावित रहवासियों को मुआवजा दिया गया था। इसी तर्ज पर जिन लोगों के मकान टूट रहे हैं, उन्हें उचित मुआवजा और भवन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। शहर में एमआर-4 और अन्य चौड़ीकरण का भी नागरिक कड़ा विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी नागरिक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर लड़ेगी। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस क्षेत्रीय रहवासियों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी और इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।