9 अक्टूबर से शुरू हुए अभियान में 4 स्थानों पर लगाए गए बोमा से 327 पकडे गए
उज्जैन, 15 अक्टुम्बर (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। शाजापुर–शुजालपुर क्षेत्र में कृष्णमृग (ब्लैकबक) कैप्चर एवं स्थानांतरण अभियान का द्वितीय चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत बुधवार को चौथे स्थल से शाम कालापीपल तहसील के ग्राम मनसाया में 74 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। अभियान के दौरान आज शाम हेलीकॉप्टर ने भी उड़ान भरी। इससे पूर्व तीन स्थानों पर लगाए बोमा से 253 कृष्णमृगों को रेस्क्यू कर कूनो राष्ट्रीय उघान में छोडा गया था।
बुधवार शाम को पूर्ण हुए आपरेशन में कुल 74 कृष्णमृगों को हेलीकाप्टर के उपयोग के उपरांत रेस्क्यू किया गया। सभी 74 मृगों को महाराष्ट्र वन विभाग के मंगवाए गए वन्य जीवो के परिवहन के लिए बने विशेष प्रकार के ट्रकों में भरकर सागर जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण्य नौरादेही के लिए रवाना किया गया है। यहां हाल ही में लाए गए एक मादा एवं एक नर चीता भी छोडे गए हैं। यहां प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए कृष्णमृगों को भी छोडा गया है। पिछले वर्ष शाजापुर में प्रथम अभियान के दौरान पकडे गए कृष्ण मृगों को काफी संख्या में उज्जैन संभाग अंतर्गत मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण्य में भी छोडा गया था।
अभियान का उद्देश्य फसल हानि से प्रभावित स्थानीय ग्रामीण समुदायों की समस्याओं का निदान करना तथा मानव–वन्यप्राणी द्वंद्व एवं वन्यप्राणियों से होने वाली फसल क्षति को कम करना है। साथ ही कृष्णमृगों को उनके अनुकूल वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। द्वितीय चरण में कुल 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मंगलवार को ग्राम पंचदेहरिया में 77 कृष्णमृगों को पकडकर कूनों राष्ट्रीय पार्क पशु चिकित्सक की देखरेख में ट्रकों में भरकर भेजा गया है। इससे पूर्व हन्नूखेड़ी और पोलायकला के खेतों से पहले दिन 97,दुसरे दिन 79 कृष्णमृगों को पकड कर कूनो पार्क भेजा गया जा चुका है।