प्रदेश के 22 हजार शासन संधारित मंदिरों के पास करोड़ों की संपत्ति
** उज्जैन में सर्वाधिक 2536 सरकारी मंदिर
** रिकॉर्ड में होंगे बड़े मंदिर
** रिकॉर्ड एक ही जगह देखा जा सकेगा
** 4500 हेक्टेयर भूमि 1320 मंदिरों के पास
उज्जैन,1 सितम्बर (इ खबर टुडे । श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर का खजाना और संपत्ति आने वाले समय में आनलाईन देख सकेंगे। महाकाल मंदिर के पास इस वर्ष 142 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आने के बाद सरकार ने प्रदेश के 22,098 मंदिरों की डिजिटल कुंडली तैयार करने का काम शुरू किया है। इसमें मंदिर के नाम दर्ज जमीन, भवन और दूसरी चल-अचल संपत्तियों से लेकर पुजारी का नाम और संपत्ति पर कब्जे-अतिक्रमण की स्थिति तक दर्ज होगी।
आने वाले दिनों में महाकाल से लेकर रामराजा सरकार तक किस मंदिर के पास कितनी संपत्ति है, इसका पूरा हिसाब ऑनलाइन देखा जा सकेगा। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग यह डेटाबेस तैयार कर रहा है। इसे विभाग के पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा। बता दें राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद मंदिरों की संपत्ति सार्वजनिक करने की मांग जोरों से उठने लगी थी।
शासन संधारित मंदिरों में उज्जैन सबसे आगे
शासन-संधारित मंदिरों की संख्या में उज्जैन सबसे आगे है। जिले में 2536 मंदिर हैं। इसके बाद मंदसौर में 2236, रतलाम में 1653, नीमच में 1421, धार में 1320, इंदौर में 1225 और ग्वालियर में 1165 मंदिर सूचीबद्ध हैं।जिन शासन-संधारित मंदिरों के पास 10 एकड़ से कम कृषि भूमि है, उस जमीन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित मंदिर के पुजारी के पास रहती है। डिजिटल डेटाबेस से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मंदिर की जमीन का उपयोग किस तरह हो रहा है और उस पर किसी तरह का कब्जा तो नहीं है।
रिकॉर्ड में होंगे बड़े मंदिर
शासन-संधारित मंदिरों की सूची में बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों के साथ छोटे मंदिर और देवस्थान भी शामिल हैं। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, राम मंदिर ओरछा (रामराजा सरकार), मां शारदा मंदिर मैहर, पीताम्बरा देवी मंदिर दतिया, खजराना गणेश मंदिर इंदौर, पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर और बिजासन माता मंदिर सलकनपुर जैसे प्रमुख मंदिर दर्ज हैं।
रिकॉर्ड एक ही जगह देखा जा सकेगा
हर मंदिर के डिजिटल रिकॉर्ड में उसका नाम, इतिहास, पुजारी का नाम, मंदिर के नाम दर्ज चल-अचल संपत्ति, जमीन का रकबा, संपत्ति की वर्तमान स्थिति और उस पर कब्जे या अतिक्रमण की स्थिति दर्ज होगी। इससे किसी मंदिर के नाम दर्ज संपत्ति का रिकॉर्ड एक ही जगह देखा जा सकेगा।
4500 हेक्टेयर भूमि 1320 मंदिरों के पास
प्रदेश के 1320 शासन-संधारित मंदिरों के नाम 10 एकड़ से अधिक कृषि भूमि दर्ज है। इन मंदिरों के पास कुल करीब 4500 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इस जमीन को खेती के लिए देने की नीलामी संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा कराई जाती है। नीलामी से मिलने वाली राशि मंदिर के कोष में जमा होती है।