सिंहस्थ 2028 में शिप्रा नदी के घाट और अन्य क्षेत्रों में 11500 होमगार्ड और 10 हजार सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर्स संभालेगें व्यवस्था
उज्जैन,18 अप्रैल (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत अस्थाई प्रकृति के कार्यों की कार्य योजना की समीक्षा की। इस दौरान होमगार्ड विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई कार्य योजना में जानकारी दी गई कि सिंहस्थ 2028 के दौरान मेला क्षेत्र, शिप्रा नदी के घाटों और अन्य क्षेत्रों में 11500 होमगार्ड और 10000 (सीडीव्ही) सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर्स को तैनात किया जाएगा। होमगार्ड और सीडीव्ही को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिप्रा नदी के घाटों को भी दो भागों में बांटा गया है जिसमें 7 किलोमीटर क्षेत्र के संवेदनशील घाट और 30 किलोमीटर एरिया के सामान्य घाटों पर प्रशिक्षण प्राप्त जवानों को तैनात किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 के लिए विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई अस्थाई प्रकृति कार्यों की कार्य योजना की समीक्षा शनिवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल स्थित कलेक्टर सभागार में की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि सिंहस्थ के दौरान घाटों, मेला क्षेत्र, पार्किंग आदि स्थानों पर तैनात होने वाले होमगार्ड और सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर्स को सिंहस्थ के पहले ही प्रशिक्षण देकर मेला क्षेत्र व शिप्रा घाट क्षेत्र से अवगत करा दें। प्रशिक्षण लेने वाले सभी जवानों को प्रशिक्षण वाले स्थानों पर ही तैनात किया जाए। बैठक में संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मौजूद रहे।
अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने निर्देश दिए कि सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर्स का पहले से वेरिफिकेशन कर लें। इन वॉलेन्टियर्स को सर्पोटिंग स्टॉफ के रूप में जिस स्थान पर प्रशिक्षण दिया जाए वहीं तैनात किया जाए। जिससे उन्हे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की जानकारी हो सके। बैठक में होमगार्ड विभाग द्वारा आपदा के दौरान उपयोग में आने वाले आवश्यक करीब 100 उपकरण क्रय करने की जानकारी भी दी गई। बैठक के दौरान उर्जा विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में विद्युत सप्लाय के लिए आवश्यकता वाले अस्थाई कार्यों की कार्य योजना प्रस्तुत की गई। इस पर उन्हें निर्देशित किया गया कि सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में निर्बाध विद्युत सप्लाय के लिए दो सप्लाय की व्यवस्था की जाए। अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने कार्य योजना में शामिल ट्रांसफार्मर की कास्टिंग रिवाईज करने के निर्देश दिए।
पीडब्ल्यूडी द्वारा मेला क्षेत्र और शिप्रा नदी, पार्किंग एरिया सहित अन्य स्थानों पर की जाने वाली बेरिकेटिंग और अस्थाई सड़क निर्माण कार्यों की कार्य योजना प्रस्तुत की गई। जानकारी दी गई कि सिंहस्थ के दौरान हैवी बेरिकेटिंग, ट्रेंगल बेरिकेटिंग और लाईट बेरिकेटिंग लगाए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में भीड़ के अधिक दवाब वाले स्थानों पर स्थाई बेरिकेटिंग की जाए, जिससे भीड़ के दवाब में बेरिकेट्स गिरे नही। मेला क्षेत्र की बेरिकेटिंग व्यवस्था के लिए नई टेक्नोलाजी का उपयोग करने की प्लानिंग तैयार करें।
बैठक में नगर निगम के माध्यम से अस्थाई शौचालय, घाटों पर लाईट व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन की कार्य योजना प्रस्तुत की गई। अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने निर्देश दिए कि अस्थाई शौचालयों के लिए सफाई, कर्मचारियों की व्यवस्था, पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहे। श्री दुबे ने घाट पर लगने वाले हाईमास्ट के संबंध में निर्देश दिए कि पहले देख लें जहां आवश्यकता हो वहीं हाईमास्ट लगाए जाएं। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से पंचक्रोशी यात्रा के दौरान किए जाने वाले कार्यों की कार्य योजना जिसमें पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था सहित अस्थाई प्रकृति के कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिंहस्थ के दौरान किए जाने वाले अस्थाई कार्य की कार्ययोजना की प्रस्तुति दी गई।
अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने अस्थाई कार्ययोजना की समीक्षा के बाद सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिस विभाग के माध्यम से अस्थाई कार्य के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है, वे विभाग अपने भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराएं। जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी रहें। साथ ही अन्य विभाग भी अपनी कार्ययोजना जल्दी प्रस्तुत करें जिससे समिति के समक्ष रखा जा सके। श्री दुबे ने निर्देश दिए कि कोई भी विभाग सिंहस्थ के लिए किसी भी प्रकार की सामग्री की खरीदी करने के पहले डेमो करा लें, इसके बाद आगे की कार्यवाही करें। उन्होने कहा कि सभी विभाग अक्टुबर तक कार्ययोजना के लिए आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर लें। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।