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 दुकान खोलने वाले 5 प्रतिष्ठानों को एक दिन का “सीदा” दान किया

 
 

उज्जैन,28 अप्रैल (इ खबर टुडे /  परमार)। खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन के आव्हान पर सोमवार को देश के समस्त खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारी एक दिन के सांकेतिक हड़ताल पर रहें।इस दौरान उज्जैन में दुकान खोलने वाले 5 प्रतिष्ठानों पर जाकर संघ ने पुरातन पद्धति अनुसार एक दिन का “सीदा”अन्न दान किया है। इसमें आटा,दाल,चावल,नमक आदि सामग्री शामिल रही है।

संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी ने बताया कि खाद ,बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को लगातार राज्य एवं केंद्र सरकारो के सामने उठाए जाने के बाद भी निराकरण नहीं किए जाने के विरोध में महाराष्ट्र में अनिश्चितकालीन बंद का आवाहन किया गया है। उसके समर्थन में देश के सभी राज्यों के साथ साथ उज्जैन जिले में भी खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारी आज एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहें। उज्जैन में 100 दुकानें संघ की हैं। इनमें से 75 से अधिक सदस्य रैली में साथ रहे। रैली के दौरान जो पांच दुकानें खुली मिली ऐसे सदस्यों को दुकान पर जाकर “सीदा”प्रदान किया गया। आंदोलन से पूर्व संघ के सोश्यल मिडिया ग्रुप पर विरोध को लेकर स्पष्ट किया गया था। इसके तहत यह तय किया गया था कि बंद दिवस पर जो प्रतिष्ठान खुला रहेगा उसे एक दिन का “सीदा” अन्न का दान किया जाएगा। संघ ने अपनी मांगों के संबंध में सांसद अनिल फिरोजिया, उप संचालक कृषि उम्मेद सिंह तोमर के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया हैं।

सांसद को सौंपा मागों का ज्ञापन
जिलाध्यक्ष लेखराज खत्री के अनुसार दौलतगंज चौराहे पर उज्जैन के व्यापारियों ने एकत्रित होकर एक रैली निकाली एवं सांसद अनिल फिरोजिया एवं डिप्टी कलेक्टर, उप संचालक कृषि उज्जैन को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया । एक माह में इन समस्याओं पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो आगामी खरीफ सीजन के पूर्व अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा भी की जा सकती है।

ये हैं मुख्य मांगें
जिन मुख्य मुद्दो को लेकर यह सांकेतिक हड़ताल की जा रही है उनमें उर्वरकों में डीलर मार्जिन को कम से कम 8% किया जाना,रिटेलर के गोदाम तक FOR उर्वरकों की पहुंच उपलब्ध करवाना,सैंपल फेल होने पर निर्माता एवं उत्पादक कंपनियों पर कार्रवाई करना एवं व्यापारी को गवाह के रूप में प्रस्तुत करना,साथी पोर्टल के माध्यम से लागू के लिए जाने वाली बीज विक्रय योजना को उत्पादक कंपनियां तक ही सीमित रखना,निर्माता कंपनियों द्वारा उर्वरकों के साथ की जा रही अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग को पूर्ण रूप से बंद करना ,देश में लागू की जा रही ई टोकन प्रणाली को स्थगित करना।अनाज बीजों एवं उद्यानकी बीजों के लिए अलग-अलग लाइसेंस के प्रक्रिया को समाप्त करना।बीज एवं कीटनाशक दवाइयां में प्रिंसिपल सर्टिफिकेट हर साल जोड़ने की प्रक्रिया को स्थाई रूप से समाप्त करना। किसानों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते झूठी शिकायतों पर पहले जांच कमेटी बिठाकर जांच करना।लाइसेंस निलंबित होने पर 21 दिन में स्वतःबहाल करना।