गेहूं फसल में बेहतर उत्पादन के लिए किसान अभी देखरेख बढ़ाएं, संकरी पती वाले खरपतवार को छिड़काव से नष्ट करें
फसल में बेहतर उत्पादन के लिए किसान को अभी से देखरेख बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए खरपतवार को खत्म करना जरूरी है, क्योंकि यह पौधे के विकास में बाधक बनते हैं और रोग पनपने की वजह भी बनते हैं। इसमें फिलहाल पहली सिंचाई कर लेने वाले और दूसरी सिंचाई करने वाले किसानों के लिए अपनी फसलों से खरपतवार को खत्म करना बेहद जरूरी है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजकरण बताते हैं कि गेहूं और सरसों में रोगों से बचाव के लिए खरपतवार नियंत्रण करना बेहद जरूरी है। निराई-गुड़ाई के लिए उपयुक्त समय है। ऐसा करके किसान फसल में नमी बढ़ाकर सिंचाई की कमी को भी पूरा कर सकते हैं। सिंचाई से पहले मौसम पर नजर रखें और बारिश की संभावना होने पर सिंचाई न करें।
गेहूं की पछेती फसल में 85 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की मात्रा में प्रयोग करें। गेहूं में संकरी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए क्लोडिनाफॉप 15 डब्ल्यूपी 160 ग्राम प्रति एकड़ या पिनोक्साडेन 5 ईसी 400 मिली प्रति एकड़ का छिड़काव करें। चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए 2,4-डी ई 500 मिली/एकड़ या मेटसल्फ्यूरॉन 20 डब्ल्यूपी 8 ग्राम प्रति एकड़ या कार्केट्राजोन 40 डीएफ 20 ग्राम /एकड़ का छिड़काव करें।