रतलाम: लड़की से बात करने पर विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या, दो आरोपियों को आजीवन कारावास
रतलाम,25 अगस्त (इ खबर टुडे)। रतलाम के बहुचर्चित दो बत्ती चौराहा हत्याकांड मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी एक्ट) रविन्द्र प्रताप सिंह चुण्डावत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लड़की से बात करने के विवाद पर युवक की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले दो आरोपियों—देवेन्द्र उर्फ कालू और जसवंत उर्फ अभय—को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
उप-निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार के अनुसार, यह घटना 6 जून 2025 की देर रात की है। फरियादी अजय मकवाना अपने दोस्त विशाल ररोतिया के साथ मोटरसाइकिल से चाय-सिगरेट पीकर घर लौट रहा था। दो बत्ती चौराहे के पास आरोपी देवेन्द्र उर्फ कालू (20 वर्ष) और जसवंत उर्फ अभय (21 वर्ष) ने उन्हें रोका और लड़की से बात करने की बात को लेकर विशाल के साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी। झगड़े के दौरान आरोपी देवेन्द्र ने चाकू निकालकर विशाल पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे विशाल की मौके पर ही अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार
थाना स्टेशन रोड पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल चाकू, खून से सने कपड़े, मोटरसाइकिल और घटना के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए। इसके साथ ही एफएसएल रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
अदालत का फैसला और सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत मौखिक, चिकित्सीय और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। देवेन्द्र उर्फ कालू को धारा 103 (बीएनएस) – आजीवन कारावास एवं 1,000 अर्थदंड, धारा 25 (आर्म्स एक्ट) – 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 अर्थदंड जबकि जसवंत उर्फ अभय को धारा 103 (बीएनएस) – आजीवन कारावास एवं 1,000 अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक योगेश तिवारी द्वारा की गई।