रतलाम / अयोध्या राम मंदिर शिलान्यास पर आपत्तिजनक वॉट्सऐप स्टेटस लगाने वाले युवक को 1 साल का सश्रम कारावास
रतलाम / सैलाना, 17 सितंबर (इ खबर टुडे)। न्यायालय मोहित परसाई, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तहसील सैलाना द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले में आरोपी परवेज पिता मोहम्मद हुसैन (उम्र 25 वर्ष, निवासी पठान मोहल्ला सरवन, जिला रतलाम) को दोषी करार देते हुए 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 1,500 के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन के अनुसार, 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में श्री राम मंदिर के शिलान्यास के दौरान फरियादी संजय ने आरोपी परवेज खान के मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप स्टेटस देखा। आरोपी ने बाबरी मस्जिद के फोटो के साथ "05 अगस्त ब्लैक डे" और "दुनिया की अदालत ने भले ही मस्जिद को मंदिर में साबित कर दिया हो, लेकिन अल्लाह का इंसाफ अभी बाकी है" जैसे आपत्तिजनक एवं भड़काऊ स्टेटस पोस्ट किए थे।
कस्बा सरवन में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से डाले गए इन मैसेज के खिलाफ फरियादी ने थाना सरवन पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 180/2020 दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
फॉरेंसिक जांच और अभियोजन साक्ष्य
विवेचना अधिकारी आनंद बागवान द्वारा आरोपी का मोबाइल जब्त कर उसके वॉट्सऐप स्टेटस के स्क्रीनशॉट को सुरक्षित किया गया और मोबाइल को साइबर फॉरेंसिक लैब, भोपाल भेजा गया। विधि अनुसार अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का फैसला
मामले में आई दस्तावेजी व फॉरेंसिक साक्ष्यों को प्रमाणित मानते हुए न्यायालय ने आरोपी परवेज को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153-ए, 295-ए और 505(2) के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने प्रत्येक धारा में आरोपी को 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपये के अर्थदंड (कुल 1,500) से दंडित किया।
प्रकरण में शासन/अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी दिनेश मालवी, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, तहसील सैलाना द्वारा की गई।