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 विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ सर्व वर्ग का कल्याण करने वाला है प्रदेश का बजट -कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप

 भाजपा द्वारा पत्रकार वार्ता का आयोजन
 
 

रतलाम, 21 फरवरी(इ खबर टुडे ) । मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ सर्व वर्ग के कल्याण की भावना पूरी करने वाला बजट प्रस्तुत किया है। इसमें प्रदेश को अंतरिक्ष विज्ञान के नवीन क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 का प्रभावी क्रियान्वयन प्रस्तावित है वहीं लाड़ली बहनों के लिए 23,883 करोड़ का प्रावधान भी है। यह बजट ‘ज्ञानी’ अर्थात जी-गरीब कल्याण, वाय-युवा शक्ति, ए-अन्नदाता, एन-नारी शक्ति के साथ आई-इन्फ्रास्टचर और आई-इण्डस्ट्री को समर्पित है। 


सिंहस्थ महापर्व के लिए  3,600 करोड़ का प्रावधान कर पहली बार आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना बनाते हुए उसके बजट का आंकलन किया गया है। प्रदेश की जीएसडीपी में गत वर्ष से 12 प्रतिशत की वृद्धि उत्साहजनक है।  

यह बात कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कही। वे प्रदेश सरकार के वर्ष 2026- 27 के बजट को लेकर जिला भाजपा द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी, सह प्रभारी निलेश बाफना मंचासीन रहे।

श्री काश्यप ने मध्यप्रदेश के बजट पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2026-2027 के लिए 4.38 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जो कि वितीय वर्ष 2025-2026 के 4.21 लाख करोड़ की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। 

आगामी वर्ष में राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार द्वारा कर्ज लिये जाने की प्रक्रिया पर बेबुनियाद सवाल उठाए जाते हैं जबकि कर्ज हमेशा पूंजी बढ़ाने के लिए काम में आता है और मध्यप्रदेश सरकार निर्धारित मापदण्ड अनुसार ही कर्ज ले रही है।

मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि बजट में एमएसएमई को पर्याप्त बजट मिला है और पिछले वर्ष में उसकी कोई देयता बाकी नहीं है। प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के साथ पीएम मित्र पार्क और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का विकास जारी है।

 सरकार प्रत्येक विधानसभा में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना चाहती है और इसके लिए 80 क्षेत्र चिन्हित हुए हैं, जहां योजना बनायी जा रही है। कृषि क्षेत्र में मध्य प्रदेश विद्युत मंडल द्वारा 5 एच.पी. तक के कृषि पंप/प्रेशर तथा एक घरेलू कनेक्शन को निःशुल्क विद्युत उपलब्ध कराने हेतु प्रतिपूर्ति के अंतर्गत 5276 करोड़ प्रावधान किया गया है।
 

दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत 335 करोड़ का प्रावधान, समर्थन मूल्य पर किसानों में फसल उपार्जन पर बोनस भुगतान हेतु 150 करोड़ का प्रावधान, सहकारी बैंक के माध्यम से कृषकों को आपातकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के अंतर्गत 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


 प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत किसानों के लिए 3,000 करोड़ की लागत से सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध होंगे। पशुपालन के लिए 2364 करोड़,  गौ-संवर्धन एवं पशुओं संवर्धन के लिए 620 करोड़ 50 लाख तथा मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। गौशालाओं को सरकार प्रति गौवंश 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए भी दे रही है।


श्री काश्यप ने बताया कि बजट में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्ध घुमक्कड़ वर्ग कि लिए 1691 करोड, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 2857 करोड का प्रावधान है, तो आबादी भूमि पर ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत 46 लाख 63 हजार परिवारों को 50,000 करोड़ मूल्य की आबादी भूमि पर मालिकाना हक दिया जा चुका है।

 सरकार ने इस भूमि की रजिस्ट्री संबंधित परिवार के पक्ष में कराने और स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क का संपूर्ण व्यय वहन करने हेतु 3800 करोड़ का प्रावधान किया है। इसी प्रकार लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत 1801 करोड़ का प्रावधान और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के अंतर्गत 23,883 करोड़ का प्रावधान किया है। 

बजट में नवीन प्रस्तावित यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अंतर्गत कक्षा 8 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से 80 लाख विद्यार्थियों की दुग्ध पैकेट वितरित किए जाने का लक्ष्य है।


श्री काश्यप ने बताया कि सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 14742 करोड़ का प्रावधान है और 21630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को मंजूरी दी गई है जिससे ग्रामीण क्षेत्र में सड़क नेटवर्क का विस्तार होगा। 

प्रदेश में सड़क मरम्मत, ग्रामीण-शहरी सड़क नेटवर्क विस्तार और कनेक्टिविटी सुधार के लिए 12690 करोड़ आवंटित होंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जन भागीदारी के आधार पर धार, बैतूल और पन्ना में महाविद्यालयों हेतु नियुक्तियां हो चुकी हैं। श्योपुर, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी महाविद्यालय प्रारंभ करने की प्रक्रिया चल रही है।

 लोक परिवहन के लिए पीएम ई-बस सेवा अंतर्गत कुल 972 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की स्वीकृति दी गई है। द्वारका नगर योजना अंतर्गत आगामी 3 वर्षों में 5 हजार करोड़ का निवेश लक्षित है। नगरीय क्षेत्रों में आवास के लिए 2316 करोड़, सड़क मरम्मत के लिए 349 करोड़, अमृत 2.0 में 3467 करोड़, नगरीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एकमुक्त अनुदान के लिए बजट में 1057 करोड़ का प्रावधान है।

श्री काश्यप ने बताया कि विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम के तहत 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोज़गार, 8,000 किलोमीटर सड़कों का पुनः डामरीकरण, 600 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन तथा 89,000 किलोमीटर सड़कों के संरक्षण का लक्ष्य है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में 2 लाख व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय निर्माण, 505 सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण, ग्राम पंचायत में विकास के लिए 3736 करोड़ प्रस्तावित है।


 प्रधानमंत्री आवास योजना में 6850 करोड़, विकसित भारत, समृद्ध ग्राम योजना में 10428 करोड़, प्रधानमंत्री जनमन योजना (आवास) 900 करोड़, प्रधानमंत्री पूर्ण शुशिक्षित निर्माण एवं सहायक योजनाएं 1884 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं सहायक योजनाएं 807 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 400 करोड़,  प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 300 करोड़ का प्रावधान है।