हौसलों की उड़ान: दृष्टिबाधित पूर्वी ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की 12वीं की परीक्षा
रतलाम,19अप्रैल(इ खबर टुडे)। 'मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।' इस कहावत को रतलाम की बेटी पूर्वी राठौड़ ने सच कर दिखाया है। जन्मजात दृष्टिहीनता को अपनी कमजोरी न बनने देते हुए पूर्वी ने माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी हासिल कर एक मिसाल कायम की है।
पूर्वी ने विज्ञान संकाय (PCB - फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) जैसे कठिन विषयों को हिंदी माध्यम से चुना था। उन्होंने इन विषयों में 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। विशेष बात यह रही कि पूर्वी ने हिंदी विषय में विशेष योग्यता (Distinction) भी प्राप्त की है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे शारीरिक बाधाएं बौनी साबित होती हैं।
संस्थान और परिवार का मिला साथ
पूर्वी, लायंस क्लब द्वारा संचालित 'ज्ञानदीप दृष्टिहीन जन विद्यालय' की छात्रा हैं। उनके पिता हीरालाल राठौड़ और उनके शिक्षकों ने उनकी इस यात्रा में भरपूर सहयोग दिया। पूर्वी ने अपनी पूरी शिक्षा ब्रेल लिपि के माध्यम से पूरी की है। उन्होंने विनोबा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में फॉर्म भरा था।
शिक्षकों का मार्गदर्शन
ज्ञानदीप विद्यालय की शिक्षिका किरण गेहलोत और सहायिका कुमुकम सहित अन्य शिक्षकों ने पूर्वी को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया। विद्यालय के सचिव सुनील जैन (एडवोकेट) ने बताया कि पूर्वी शुरू से ही प्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने 10वीं की परीक्षा भी इसी तरह प्राइवेट रूप में अच्छे अंकों से पास की थी।
प्रेरणा बनी पूर्वी
विद्यालय अध्यक्ष दिनेश कुमार, बाबूलाल चौधरी और राजेश भार्गव ने पूर्वी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता अन्य दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। परिणाम घोषित होते ही पूर्वी और उनके परिवार में खुशी का माहौल है।