आलोट में मचा बवाल: युवक की हत्या से भड़के ग्रामीण, थाने का घेराव कर की नारेबाजी
रतलाम,02मई (इ खबर टुडे)। जिले के आलोट (विक्रमगढ़) से लापता युवक मनीष माली का शव उज्जैन में मिलने के बाद शनिवार को आलोट में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। युवक की हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर आलोट थाने पहुंच गए। देखते ही देखते ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ के उग्र तेवर देख पुलिस को सुरक्षा के लिहाज से थाने का मुख्य गेट बंद करना पड़ा।
शनिवार दोपहर से ही ग्रामीण थाने पर जमा होने शुरू हो गए थे। जैसे ही शाम को मनीष का शव उज्जैन के नीलगंगा में मिलने की पुष्टि हुई, भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नामजद संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।
सुरक्षा के मद्देनजर बंद किया गया थाना गेट
प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या और उनके बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आलोट पुलिस बैकफुट पर नजर आई। स्थिति बेकाबू न हो जाए, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने थाने का लोहे का गेट अंदर से बंद कर दिया। थाने के बाहर घंटों तक गहमागहमी बनी रही। ग्रामीण इस बात पर अड़े थे कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे वहां से नहीं हटेंगे।
क्या है पूरा मामला?
विक्रमगढ़ निवासी 22 वर्षीय मनीष माली शुक्रवार रात 10:30 बजे से लापता था। परिजनों ने मयंक उर्फ महेंद्र सहित कुछ अन्य युवकों पर अपहरण का शक जताया था। शनिवार शाम मनीष का शव उज्जैन में मिला, जिसके बाद अपहरण का यह मामला अब हत्या की तफ्तीश में बदल गया है।
थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम और अन्य पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।