शासकीय राशन की कालाबाजारी का पर्दाफाश: पिकअप वाहन से राशन ठिकाने लगाते समय ग्रामीणों ने पकड़ा, एफआईआर दर्ज
रतलाम, 08 अगस्त(इ खबर टुडे)। शासकीय उचित मूल्य दुकान गढ़ीगमना से गरीबों को बांटे जाने वाले राशन की खुलेआम अफरा-तफरी और कालाबाजारी का गंभीर मामला सामने आया है। 'मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार' योजना में अनुबंधित वाहन के जरिए राशन की कालाबाजारी करते हुए ग्रामीणों ने मौके पर वाहन को रंगे हाथों पकड़ा। मामले में खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दुकान विक्रेता रीना टाक, उनके पति मुकेश टाक, वाहन मालिक अनीस भगोरा और वाहन चालक मोहन चरपोटा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 19 जुलाई 2026 की शाम का है, जब जिले के बजना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़ीगमना उचित मूल्य दुकान के विक्रेता रीना टाक के पति मुकेश टाक 'मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार' योजना के अनुबंधित बोलेरो पिकअप वाहन (क्रमांक MP43G5042) में जूट के बारदाने में 30 कट्टे (लगभग 10632 किलोग्राम क्षमता का हिस्सा) गेहूं भरकर बाजार में बेचने के उद्देश्य से बाजना की ओर ले जा रहे थे। गढ़ीगमना के सरपंच दलीचंद मईडा व ग्रामीणों ने कुशलगढ़ रोड बाजना पर वाहन को रोककर पकड़ा और बाजना थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
जांच में 1.59 लाख रुपये का राशन कम पाया गया
खाद्य विभाग और राजस्व विभाग (अनुविभागीय अधिकारी सैलाना) द्वारा की गई जांच और भौतिक सत्यापन में गोदाम एवं रिकॉर्ड के स्टॉक में भारी अंतर मिला। ई-पीडीएस (ePDS) पोर्टल पर दर्ज स्टॉक की तुलना में मौके पर गेहूं 4,000 किलोग्राम, चावल 1,000 किलोग्राम, शक्कर 40 किलोग्राम, कुल ₹1,59,000/- मूल्य का खाद्यान्न कम (गबन) पाया गया।
उपभोक्ताओं को राशन न देकर करते थे अफरा-तफरी
बाजना थाने में उपस्थित ग्रामीणों एवं उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई कि विक्रेता रीना टाक और उनके पति मुकेश टाक राशन दुकान को महीने में केवल 2-3 दिन ही खोलते थे और हितग्राहियों को पात्रता के अनुसार राशन नहीं देते थे। बचा हुआ शासकीय राशन बाजार में सेठ-व्यापारियों को बेच दिया जाता था।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज
सहायक आपूर्ति अधिकारी सैलाना/बाजना मुकेश चौहान के जांच प्रतिवेदन और कलेक्ट्रेट कार्यालय (खाद्य) रतलाम के निर्देश पर बीते दिन शुक्रवार को पुलिस थाना बाजना द्वारा मध्य प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दुकान विक्रेता रीना टाक, मुकेश टाक, वाहन मालिक अनीस भगोरा एवं चालक मोहन चरपोटा के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।