अनुसूचित जाति वर्ग के वंचित पात्र हितग्राहियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलाएं: आयोग सदस्य श्री मालवीय
रतलाम,08 सितंबर (इ खबर टुडे )। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य रामलाल मालवीय ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय सभागार में जिला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों से संबंधित योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया, जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आयोग सदस्य ने अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित चार प्रकरणों (तीन राजस्व और एक शासकीय सेवा) की सुनवाई की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का गंभीरता व संवेदनशीलता से शीघ्र निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के जो भी पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाए।
शिक्षा और छात्रावासों की व्यवस्था पर जोर
श्री मालवीय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में असमर्थ विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवास सहायता योजना की समीक्षा में बताया कि जिले में इस वर्ष 1,221 विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि छात्रावासों में कोई भी सीट रिक्त न रहे और छात्रों को छात्रवृत्ति, गणवेश व मूलभूत सुविधाएं समय पर प्राप्त हों।
स्वास्थ्य और मूलभूत समस्याओं का निराकरण
आयोग सदस्य ने स्वास्थ्य विभाग को अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही उचित मूल्य दुकानों का संचालन कर रहे समूहों की विस्तृत जानकारी मांगी।
लोक सेवा केंद्रों में शून्य पेंडेंसी
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने बताया कि जिले में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में निराकरण किया जा रहा है और वर्तमान में एक भी प्रकरण लंबित नहीं है। निर्धारित समय सीमा में काम न होने पर आवेदक एडीएम के समक्ष अपील कर सकते हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने जनजातीय कार्य विभाग को वर्ष 2024-25 के शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, संत रविदास योजना, सावित्रीबाई फुले योजना, बस्ती विकास योजना सहित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।