कांग्रेस में मची रार: रतलाम से 300 किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल पहुंचे दो युवा नेता, PCC के बाहर धरने पर बैठे
रतलाम/भोपाल, 30 जून (इ खबर टुडे)। मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला कमेटियों की घोषणा के बाद से ही आंतरिक कलह और असंतोष का विस्फोट होने लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के उदयपुर चिंतन शिविर में दिए गए 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत की रतलाम में सरेआम धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के दो युवा नेता 300 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर राजधानी भोपाल पहुंच गए हैं।
रतलाम ग्रामीण के महासचिव संजय रावत और युवा नेता गौरव पोरवाल ने पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों नेता 8 दिनों का लंबा और कठिन सफर पैदल तय करके भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचे और मुख्यालय के ठीक सामने धरने पर बैठ गए हैं। उनके इस धरने के वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं。
एक को तीन-तीन पद, दूसरों का हो रहा निष्कासन
धरने पर बैठे युवा नेताओं का आरोप है कि आलाकमान के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद रतलाम जिले में भाई-भतीजावाद और गुटबाजी हावी है। जिले में संगठन के भीतर एक ही चहेते कार्यकर्ता को तीन-तीन पद बांट दिए गए हैं, जबकि बरसों से पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले दूसरे सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। इतना ही नहीं, विरोध दर्ज कराने पर नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जा रहा है और कई निष्ठावान कार्यकर्ताओं को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
राहुल गांधी के 'उदयपुर संकल्प' की याद दिलाई
युवा नेताओं का कहना है कि वे कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और पार्टी नेतृत्व को राहुल गांधी के उस वादे की याद दिलाने आए हैं, जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि संगठन में किसी भी स्तर पर एक व्यक्ति के पास एक से अधिक पद नहीं रहेगा। रतलाम से भोपाल तक की इस 300 किलोमीटर की 'न्याय यात्रा' के बाद अब दोनों नेता प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेतृत्व से मिलकर रतलाम कांग्रेस में चल रही मनमानी की शिकायत दर्ज कराने और न्याय पाने की उम्मीद में डटे हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश कांग्रेस में सांगठनिक स्तर पर मची खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।