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इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत सुरंग निर्माण कार्य में तेजी

टनल लाइनिंग का कार्य पूर्ण, बैलास्टलेस ट्रैक एवं अन्य सिविल कार्य तीव्र गति से प्रगति पर
 

 

रतलाम, 04 अगस्त (इ खबर टुडे)। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत निर्माणाधीन इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में सुरंग निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ रहा है। 03 अगस्त 2026 तक की प्रगति के अनुसार सुरंग निर्माण के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सुरंग निर्माण में सुरंग खुदाई के उपरांत लाइनिंग का कार्य सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है, जो सुरंग को स्थायित्व, मजबूती एवं दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है। परियोजना के अंतर्गत 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके बाद सुरंग के भीतर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

अब तक 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा पीसीसी (प्लेगन सीमेंट कॉंक्रिट)) फाइनल लेयर का 1470 मीटर तथा पीसीसी फर्स्ट लेयर का 2007 मीटर कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में 810 मीटर में बैलास्टलेस ट्रैक एवं 740 मीटर पीसीसी निर्माण कार्य प्रगति पर है।

सुरंग में जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था को भी समानांतर रूप से विकसित किया जा रहा है। दोनों ओर की साइड ड्रेन, इनवर्ट ड्रेन तथा अन्य संरचनात्मक कार्यों का अधिकांश भाग पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त कट एंड कवर सेक्शन में ओवर्ट रिइनफोर्समेंट एवं लाइनिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।

सुरंग को सुरक्षित एवं आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए आपातकालीन शरण स्थल (रिफ्यूज निच), बचाव एवं राहत कार्यों हेतु रेस्क्यू शाफ्ट तथा ताजी हवा के आवागमन के लिए वेंटिलेशन डक्ट का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।  सुरंग के अंदर सफोकेशन को दूर करने के लिए एक्जॉरस्टी फैन लगाने का कार्य भी प्रगति पर है। ये सभी संरचनाएं भविष्य में सुरंग के सुरक्षित संचालन एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगी।

पश्चिम रेलवे के निर्माण विभाग द्वारा सुरंग के शेष हिस्से में ड्रेनेज, बैकफिलिंग तथा अन्य सिविल कार्यों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए आधुनिक मशीनरी एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना पूर्ण होने के बाद मध्य प्रदेश एवं गुजरात के बीच रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। इससे यात्रियों को बेहतर एवं तेज रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी, वहीं माल परिवहन को नई गति मिलने के साथ क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं आर्थिक विकास को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।