डिजीटल अरेस्ट करके सवा करोड से अधिक की ठगी के मामले में असम,जम्मू और पंजाब से तीन अन्य आरोपी गिरफ्तार
रतलाम,22 जनवरी (इ खबरटुडे)। डिजीटल अरेस्ट करके रतलाम के एक वृद्ध दम्पत्ति से सवा करोड रु. से ज्यादा की ठगी किए जाने के मामले में पुलिस ने अब असम,जम्मू और पंजाब से तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस मामले में पुलिस पहले से नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रकरण में फ्रिज कराए गए ग्यारह लाख रु. भी पुलिस ने पीडीत दम्पत्ति को वापस दिलवा दिए है।
उल्लेखनीय है कि रतलाम के एक वृद्ध दम्पत्ति को 15 नवंबर 2025 से 12 दिसम्बर 2025 तक एक सुसंगठित गिरोह ने डिजीटल अरेस्ट कर उनसे एक करोड 34 लाख पचाल हजार रु. की राशि छल व भय दिखाकर प्राप्त कर ली गई थी। वृद्ध दम्पत्ति ने इस ठगी की रिपोर्ट दीनदयाल नगर थाने पर की थी। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
पुलिस के मुताबिक दिनांक 15 नवम्बर 2025 को फरियादी को अज्ञात कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉलर ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फँसाने का भय दिखाया। आरोपियों द्वारा फर्जी डिजिटल जांच एवं अदालत जैसा दृश्य दिखाकर सिग्नल एप (Signal App) के माध्यम से वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति बनाकर आधार, बैंक व निजी दस्तावेज प्राप्त कर दिनांक 15.11.2025 से 12.12.2025 के बीच कुल 1,34,50,000/- की राशि छल व भय से प्राप्त की गई थी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जाँच के लिए एसपी अमित कुमार ने 18 सदस्यीय SIT गठित की थी । एसआईटी ने अब तक इस प्रकरण में जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से कुल 09 आरोपी गिरफ्तार कर ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों व क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित किया जाना उजागर करते हुए संगठित साइबर अपराध पाए जाने पर धारा 111 बीएनएस ( BNS) भी जोड़ दी थी ।
डिजिटल अरेस्ट के इस गंभीर मामले की अग्रिम विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रेल, कॉल डिटेल एवं पूर्व गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 03 अन्य महत्वपूर्ण आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम ने पंजाब से मोहन काबरा,जम्मू से सुमिरन शर्मा और असम से सुरेश को गिरफ्तार किया है।
आरोपी मोहन ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अमरेंद्र के साथ मिलकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनका उपयोग ठगी की राशि के ट्रांजैक्शन में किया। आरोपी अमरेंद्र कमीशन पर खाता मोहन को देने के लिए सुरेश के साथ गुवाहाटी गया था। मोहन ने अमरेंद्र को कमीशन का लालच देकर उसके खाते का उपयोग फ्रॉड में किया। मोहन द्वारा अमरेंद्र व अन्य खातों के माध्यम से लगभग ₹02 करोड़ के फ्रॉड ट्रांजैक्शन कराए गए। महिला आरोपी सुमीरन ने पूर्व गिरफ्तार आरोपी शानू के साथ मिलकर ठगी की राशि को अपने खाते से आगे ट्रांसफर किया। महिला आरोपी सिमरन टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से apk फाइल भेज कर अकाउंट का एक्सेस लेकर फ्रॉड करती थी।
इन तीनों आरोपियों की भूमिका से यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित, अंतरराज्यीय एवं तकनीकी रूप से संचालित साइबर गिरोह है। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है एवं अन्य फरार आरोपियों की तलाश हेतु पुलिस टीमें विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं।
गिरफ्तार आरोपी
1. मोहन पिता रुघनाथ काबरा
उम्र 27 वर्ष, निवासी – 20E शिव अपार्टमेंट, एन.के. रोड, बादल कॉलोनी, जिला मोहाली, पंजाब
2. सुमीरन शर्मा पिता स्वामी प्रसाद शर्मा उम्र 30 वर्ष, निवासी – वार्ड नं. 07, आर्य समाज मोहल्ला, अखनूर, जिला जम्मू, जम्मू-कश्मीर
3. सुरेश पिता गणेश रजक उम्र 37 वर्ष, निवासी – धुलिया जान, सोनापुर, जिला डिब्रूगढ़, असम
सराहनीय भूमिका
इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक लिलियन मालवीय, उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक जीवन बरिया, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, आर तुषार सिसोदिया, आर मोर सिंह डामोर, आर पवन जाट की सराहनीय भूमिका रही।