राजवंश कालीन 150 साल पुराने राधा-कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राधाष्टमी पर्व
रतलाम,19 सितंबर(इ खबर टुडे)। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के पावन अवसर पर शनिवार को नगर में राधाष्टमी का पर्व भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्री राधा रानी का विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और प्रेम का वास होता है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने से पूर्व राधा रानी की आराधना करने से भक्तों पर प्रभु की कृपा शीघ्र बरसती है।
इसी क्रम में रतलाम के राजमहल परिसर स्थित जैन कॉलोनी में 150 वर्ष से अधिक पुराने राजवंश कालीन ऐतिहासिक श्री राधा-कृष्ण मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। राजवंश द्वारा निर्मित इस प्राचीन मंदिर में आज भी परंपरा अनुसार राज परिवार की महिलाओं द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर के गर्भगृह में अष्टधातु निर्मित राधा रानी, श्री कृष्ण और लड्डू गोपाल की अलौकिक प्रतिमाओं के साथ-साथ प्राचीन चौमुखी महादेव की प्रतिमा स्थापित है।
150 वर्षों बाद हुआ जीर्णोद्धार
लगभग डेढ़ शताब्दी पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर का नगर निगम महापौर, एमआईसी सदस्य और क्षेत्रीय पार्षद धर्मेंद्र व्यास के प्रयासों से जीर्णोद्धार कर इसे एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
आरती में उमड़ा जनसैलाब
राधाष्टमी के पावन पर्व पर मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महापौर प्रहलाद पटेल, पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, नगर निगम एमआईसी सदस्य, क्षेत्रीय पार्षद धर्मेंद्र व्यास तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया।