{"vars":{"id": "115716:4925"}}

औद्योगिक क्षेत्र रतलाम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से खोजे 15 गुम मोबाइल, मालिकों को सौंपे

​तकनीक और तत्परता का समन्वय: लंबे समय से गुम मोबाइल पाकर खिले नागरिकों के चेहरे
 

​रतलाम,08जुलाई(इ खबर टुडे)। आम नागरिकों के गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश कर उन्हें वापस दिलाने के लिए रतलाम पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम पुलिस ने केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का बेहतरीन उपयोग करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विभिन्न स्थानों से गुम हुए 15 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिए हैं।

​थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र रतलाम निरीक्षक श्रीमती गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मोबाइल गुमशुदगी की शिकायतों पर लगातार काम किया जा रहा था। टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी जानकारी का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 15 मोबाइल फोन खोज निकाले। इसके बाद आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया और स्वामियों के सत्यापन के बाद सभी फोन उनके असली मालिकों के सुपुर्द कर दिए गए।

​चेहरों पर लौटी मुस्कान, नागरिकों ने जताया आभार
​लंबे समय से खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर नागरिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने रतलाम पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र पुलिस की कार्यप्रणाली की खुले दिल से सराहना की। वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल सिर्फ बात करने का साधन नहीं है, बल्कि इसमें लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी जानकारियां और बैंकिंग/डिजिटल सेवाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में फोन वापस मिलने से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है।

​सराहनीय भूमिका
​इस सफल रिकवरी में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के साथ उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक 430 विजय पंवार, आरक्षक 862 किशन वर्मा, आरक्षक 232 मनीष परिहार तथा आरक्षक 217 पवन मेहता की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।

​बॉक्स न्यूज: क्या है CEIR पोर्टल और कैसे करता है काम?
​सुरक्षा का डिजिटल कवच: CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उन्हें ट्रैक करने का एक अत्यंत प्रभावी डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

​ऐसे कराएं ब्लॉक: मोबाइल गुम होने पर नागरिक तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें या स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करा सकते हैं।

​कैसे होती है ट्रैकिंग: एक बार IMEI ब्लॉक होने के बाद, यदि कोई भी व्यक्ति उस मोबाइल में दूसरा सिम कार्ड डालने का प्रयास करता है, तो पुलिस को तुरंत तकनीकी अलर्ट मिल जाता है, जिससे मोबाइल रिकवर करना आसान हो जाता है।

​पुलिस की अपील: रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने मोबाइल का IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित डायरी में नोट करके रखें, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।