धराड़ में दो समुदाय के बीच पथराव व चाकूबाजी मामला, मुख्य आरोपी ‘शेरू चाचा’ की अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय ने की खारिज
शासकीय अधिवक्ता एवं अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना बीती 14 अप्रैल 2026 की रात करीब 11:20 बजे की है। गांव धराड़ में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ था। फरियादी कबीर बाघेला ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया था कि इंदौर से आए फरदीन और जीशान ने अपने 15-20 अन्य साथियों के साथ मिलकर धारदार हथियारों और पत्थरों से हमला कर दिया था।
इस हमले में आदित्य वर्मा और रूपसिंह चंद्रावत को चाकू लगे थे, जबकि पत्थरबाजी में अशोक पाटीदार, त्रिलोक प्रजापत और बादल राणा भी घायल हुए थे। थाना बिलपांक ने इस मामले में हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
बीमारी और उम्र का दिया था हवाला
घटना के बाद से ही आरोपी शेरू चाचा फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। आरोपी की ओर से दलील दी गई थी कि उसकी उम्र 71 वर्ष है और वह शुगर, ब्लड प्रेशर तथा गंभीर हृदय रोग से ग्रसित है। स्वास्थ्य कारणों के आधार पर उसने राहत की मांग की थी।
न्यायालय ने माना गंभीर अपराध
अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और जानलेवा हमले जैसी गंभीर घटना में शामिल रहा है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि मामले की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, अतः केवल बीमारी या उम्र के आधार पर अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। न्यायाधीश राजेश नामदेव ने आवेदन निरस्त करने के आदेश जारी किए।
इस मामले में पुलिस अधिकांश आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं शेरू चाचा की तलाश अब और तेज कर दी गई है।