सूरजगढ़ निशान यात्रा का रतलाम में जोरदार स्वागत,खाटू श्याम मंदिर के शिखर पर लहराया सूरजगढ़ निशान
रतलाम,28 फरवरी 2026 (इ खबर टुडे )। आस्था और भक्ति के प्रतीक सूरजगढ़ की निशान यात्रा का शनिवार सुबह धार्मिक नगरी रतलाम में मंगल प्रवेश हुआ। विजय के प्रतीक सूरजगढ़ का निशान लेकर पहुंचे पैदल यात्रियों ने सखवालनगर स्थित खाटू धाम पर आस्था और उमंग के साथ विधिवत पूजा अर्चना, हवन-पूजन कर निशान बाबा को अर्पित कर मंदिर के शिखर पर लहराया। यह निशान हर साल फागुन सुदी बारस के दिन बाबा के शिखर पर लहराया जाता है।
सूरजगढ़ निशान यात्रा धराड़ से निकली। रतलाम में प्रवेश होते ही फव्वारा चौक पर जोरदार स्वागत किया। यहां टीआईटी रोड, दोबत्ती चौराहा, पावर हाउस रोड, महाराणा प्रताप चौराहा, चेतक ब्रिज, राममंदिर होते हुए सखवालनगर स्थित खाटू श्याम मंदिर पर पहुंची। यात्रा में शामिल पैदलयात्री पूरे रास्ते बाबा श्याम के भजनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते जैसे ही सखवालगनर पहुंचे वैसे ही वहां मौजूद भक्तों ने यात्रियों के साथ बाबा के निशान की भव्य अगवानी कर जयकारों और फूलों से जोरदार स्वागत किया।
सूरजगढ़ के निशान की यहां विधिवत पूजा अर्चना कर खाटू धाम पर जैसे ही ले जाया गया वैसे ही भक्तगण निशान को आस्था के साथ ले जाने के लिए सीढिय़ों पर लेट गए। निशान थामे भक्त सीढिय़ों पर ओंधे लेटे युवकों पर चढक़र खाटू धाम पर पहुंचे। जहां मंदिर के पुजारी ने विधिवत पूजा अर्चना कर हवन पूजन कराया। पूजा अर्चना और आरती के बाद निशान बाबा को अर्पित कर बाबा के शिखर पर लहराया।
बता दें कि जिस तरह झुंझुनू या रिंगस की खाटू श्यामजी निशान यात्रा आस्था और भक्ति का प्रतीक है उसी तरह रतलाम में भी आने वाली धराड़ की सूरजगढ़ निशान यात्रा का भक्तों को विशेष इंतजार रहता है क्योंकि सूरजगढ़ से तैयार होकर लाया जाने वाला सफेद निशान खाटू श्याम मंदिर के शिखर पर साल भर लहरता रहता है।
इस निशान को हर साल फाल्गुन की द्वादशी के दिन खाटू श्याम मंदिर के शिखर पर चढ़ाया जाता है। कहा जाता है कि जिस तरह राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर फाल्गुनी मेले के लक्खी मेले पर केवल सूरजगढ़ का निशान लहराया जाता है उसी तरह रतलाम के सखवालनगर स्थित बाबा श्याम मंदिर पर सूरजगढ़ के निशान को फाल्गुन सुदी द्वादशी पर लहराया जाता है।