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 दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे: रतलाम पुलिस की विशेष पहल, पत्थरबाजी और उपद्रव रोकने ग्रामीणों के साथ किया जनसंवाद

 ​उपद्रवियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
 

 

​रतलाम, 27 सितंबर (इ खबर टुडे)। दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर पिछले दिनों हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को रतलाम पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशानुसार, एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ जनसंवाद और ग्रामीण सहयोग की विशेष पहल शुरू की गई है।

​इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो एवं एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा के मार्गदर्शन में डीएसपी सुरेंद्र सिंह गडरिया और थाना प्रभारी रावटी द्वारा ग्राम मोलावा के पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम मोलावा के सरपंच नरेंद्र गरवाल, ग्राम देवपाड़ा के सरपंच बद्रीलाल वसुनिया, क्षेत्र के पटेल, वरिष्ठ नागरिक, स्थानीय दुकानदार और एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थित मकान मालिक उपस्थित रहे।

​संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि वे एक्सप्रेस-वे के आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि देखें, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों या सड़क किनारे शराब पीकर उपद्रव करना, ​बिना किसी कारण संदिग्ध अवस्था में घूमना, ​एक्सप्रेस-वे पर रील बनाना, स्टंट या खतरनाक हरकतें करना, वाहनों पर पत्थरबाजी की योजना बनाना या ऐसी घटनाओं में शामिल होना जैसे मामलों में सजग रहने को कहा गया।

​युवाओं और बच्चों को जागरूक करने पर जोर
पुलिस ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव के बच्चों व युवाओं को समझाएं। एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहनों पर पत्थर फेंकना या किसी भी प्रकार का उपद्रव करना एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा अपराध है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

​उपद्रवियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में लिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रतलाम पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पड़ोसी जिलों की पुलिस के साथ भी बेहतर तालमेल बनाया जा रहा है।