रतलाम / अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट का अहम आदेश, चार सप्ताह में निर्णय लें तहसीलदार, तब तक बेदखली पर रोक
रतलाम, 06 अक्टूबर (इ खबर टुडे)। जनविश्वास अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई का मामला अब उच्च न्यायालय पहुँच गया है। कलेक्टर अजय कटेसरिया के निर्देशों के क्रम में तहसीलदार सैलाना द्वारा की गई कार्रवाई के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की गई थी, जिस पर न्यायालय ने अहम निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता रामविलासजी गुरु निर्मलरामजी एवं अन्य द्वारा प्रस्तुत याचिका में उल्लेख किया गया है कि सैलाना स्थित सर्वे नंबर 603 की 0.09 हेक्टेयर भूमि श्री रामद्वारा मंदिर से लगी हुई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इस भूमि पर दुकानें, स्कूल व अन्य निर्माण मौजूद हैं और यह भूमि उन्हें 27 अक्टूबर 1965 की वसीयत के आधार पर प्राप्त हुई है।
4 सप्ताह में निर्णय के निर्देश, बेदखली पर स्टे
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने निर्देश दिया है कि तहसीलदार सैलाना याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत जवाब पर विचार कर 4 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करेंगे। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार द्वारा प्रकरण पर अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक याचिकाकर्ताओं की भूमि एवं निर्माण के संबंध में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अपील के लिए मिलेगा 10 दिन का ब्रीदिंग पीरियड
हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी साफ किया है कि यदि तहसीलदार का निर्णय याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध आता है, तो वे सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी के समक्ष अपील करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेंगे। ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ताओं को अपील दायर करने के लिए 10 दिनों का समय (ब्रीदिंग पीरियड) दिया जाएगा। हाईकोर्ट के इन निर्देशों के परिपालन में ही राजस्व विभाग और तहसीलदार द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।