इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन पर सिगनलिंग कार्य ने पकड़ी रफ्तार, 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण
रतलाम, 22 जुलाई (इ खबर टुडे)। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत निर्माणाधीन इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना पर कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। परियोजना के अंतर्गत रेल परिचालन की संरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे सिगनलिंग कार्य का 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्य भी निर्धारित समयसीमा के अनुसार तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन के पिथमपुर टनल, पिथमपुर–सागौर, सागौर–गुणावद तथा गुणावद–धार रेल खंडों में सिगनलिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसी क्रम में पिथमपुर, सागौर, गुणावद एवं धार स्टेशनों पर सिगनलिंग व्यवस्था से जुड़े रिले रूम, आईपीएस रूम, केबल हट, बैटरी रूम सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण एवं स्थापना कार्य भी लगभग पूर्णता की ओर है।
नई रेल लाइन पर स्थापित किए जा रहे सिगनलिंग सिस्टम में अत्याधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तकनीकी फेलियर की संभावना न्यूनतम रहे तथा ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध रूप से किया जा सके। आधुनिक तकनीक आधारित यह व्यवस्था भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है।
परियोजना के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। यह आधुनिक तकनीक विभिन्न सिगनलों एवं पॉइंट्स का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होती है तथा ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम एवं निरंतर बना रहता है।
उप मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (निर्माण) के निर्देशन में टीही से धार के मध्य सिगनलिंग सिस्टम स्थापित करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। प्रत्येक रेल खंड में सिगनलिंग सिस्टम की स्थापना के बाद विभिन्न चरणों में विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं निरीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि प्रणाली की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता एवं संरक्षा का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा सके तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या की संभावना न्यूनतम रहे।
संकेत एवं दूरसंचार विभाग (निर्माण) ने टीही से धार के मध्य सिगनलिंग सिस्टयम का कार्य 95 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य को भी शीघ्रता से पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यवेक्षक नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजना को पूरा किया जा सके।
इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के पूर्ण होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। आधुनिक सिगनलिंग व्यवस्था से न केवल रेल परिचालन की संरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि ट्रेनों की समयपालन क्षमता, परिचालन दक्षता तथा यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ पश्चिम रेलवे की आधुनिक एवं सुरक्षित रेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।