कलेक्टर का सख्त एक्शन: 5 साल पुराने राजस्व मामलों में जांच रिपोर्ट न देने पर शहर व ग्रामीण तहसीलदारों को थमाया शो-कॉज नोटिस
रतलाम, 09 अगस्त (इ खबर टुडे)। राजस्व मामलों के निराकरण में लंबे समय से चल रही लापरवाही पर कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त उज्जैन संभाग के आदेशों के परिपालन में वर्षों पुराने मामलों में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने और न्यायालयीन कार्यवाही बाधित करने के आरोप में कलेक्टर ने तहसीलदार रतलाम शहर श्री कुलभूषण शर्मा तथा तहसीलदार रतलाम ग्रामीण सुश्री प्रतिभा भाभर को कारण बताओ (शो-कॉज) सूचना पत्र जारी किया है।
6 अगस्त 2026 को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आया। आयुक्त उज्जैन संभाग के निर्देशों के तहत कलेक्टर न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 04, 05, 06, 09, 011, 012, 014, 015, 016 (शहर तहसील) एवं प्रकरण क्रमांक 07, 08, 017 (ग्रामीण तहसील) में संबंधित जमीनों के वर्तमान उपयोग और मौके की स्थिति का तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन मांगा गया था।
अभिलेखीय पासबुक (18/07/2024) के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से यह रिपोर्ट 7 दिवस के भीतर प्रस्तुत की जानी थी। इसके बावजूद 5 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दोनों तहसीलदारों द्वारा जांच रिपोर्ट जमा नहीं की गई, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया ठप्प पड़ी रही।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सौंपे गए दायित्वों में यह ढिलाई कार्य के प्रति घोर उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को दर्शाती है। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1)(i), 3(1)(ii) एवं 3(1)(iii) का सीधा उल्लंघन तथा कदाचरण की श्रेणी में आता है।
दो दिन में मांगा जवाब
दोनों अधिकारियों को मूल प्रकरणों के साथ विलंब के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण 2 दिवस के भीतर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा मूल प्रति प्रस्तुत न करने की स्थिति में नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।