चौपाटी विवाद: कांग्रेस के प्रदर्शन से चौपाटी दुकानदारों ने बनाई दूरी, झंडा थमाने पर भड़के व्यापारी
दुकानदार बोले राजनीति करने नहीं आए
रतलाम, 19 अगस्त(इ खबर टुडे)। शहर के दो बत्ती स्थित घोड़ा चौपाटी से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद में बुधवार को नया मोड़ आ गया। दुकानदारों के समर्थन में नगर निगम घेराव करने पहुंची कांग्रेस को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब पीड़ित व्यापारी ही प्रदर्शन से अलग हो गए।
मामला बीते मंगलवार का है, जब नगर निगम का अमला जेसीबी लेकर घोड़ा चौराहा स्थित चौपाटी को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंचा था। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों के विरोध और जेसीबी पर चढ़ने के बाद पुलिस बल की मौजूदगी में अधिकारियों ने मामले को शांत कराया था। इसके बाद कांग्रेस नेत्री यासमीन शेरवानी के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने मौके पर पहुंचकर धरना दिया था। स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह पवार से बातचीत के बाद बुधवार को नगर निगम में चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद अगले दिन निगम परिसर में संयुक्त प्रदर्शन तय हुआ था।
राजनीति के नाम पर दूरी बनाई
तय समय अनुसार बुधवार सुबह 11 बजे कांग्रेस नेता प्रदर्शन की तैयारी में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने से पहले कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों को पार्टी के झंडे थमाने का प्रयास किया। इस पर दुकानदार भड़क गए और उन्होंने साफ कहा कि वे किसी राजनीतिक दल का झंडा उठाने या राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि अपनी आजीविका और दुकानों से जुड़ी समस्या का समाधान चाहते हैं। आप लोग कांग्रेस का झंडा हटाओ तो हम आपके आंदोलन में शामिल होगे। झंडा उठाना ही हो तो तिरंगा ले आओ। इसके बाद व्यापारियों ने खुद को कांग्रेस के प्रदर्शन से अलग कर लिया।
अलग से सौंपा ज्ञापन
व्यापारियों के हटने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अकेले ही नगर निगम परिसर में नारेबाजी की और उपायुक्त एस.आर. सीटोले को ज्ञापन सौंपा। इसके कुछ ही देर बाद, बाहर मौजूद दुकानदारों का समूह 'भारत माता की जय' के नारे लगाते हुए निगम परिसर में दाखिल हुआ और उपायुक्त श्री सीटोले से सीधे बातचीत कर अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।