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 अंधविश्वास छोड़ें, वैज्ञानिक उपचार अपनाएं: सर्पदंश होने पर तुरंत पहुंचें अस्पताल, जिला प्रशासन रतलाम की अपील

 

​रतलाम, 29 जून (इ खबर टुडे)। बारिश के मौसम में सर्पदंश (सांप काटने) के बढ़ते खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग रतलाम ने नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जनता से विशेष आग्रह किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या तांत्रिक उपचार के चक्कर में कीमती समय बर्बाद न करें। सांप काटने का एकमात्र और प्रभावी इलाज केवल अस्पताल में उपलब्ध वैज्ञानिक चिकित्सा एवं एंटी स्नेक वेनम (ASV) द्वारा ही संभव है।

​जिला प्रशासन ने 'सतर्क रहें – सुरक्षित रहें' का संदेश देते हुए कहा है कि समय पर मिलने वाला उपचार ही मरीज की जान बचा सकता है।
​सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें?
​प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, सर्पदंश की स्थिति में त्वरित और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।

​क्या करें (तुरंत अपनाएं ये उपाय):

​अंग को स्थिर रखें: जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे ज्यादा हिलाएं-डुलाएं नहीं।

​अस्पताल पहुंचें: बिना देरी किए तुरंत 108 एम्बुलेंस या किसी भी उपलब्ध वाहन से मरीज को निकटतम शासकीय अस्पताल ले जाएं।

​सांप की पहचान: यदि संभव हो, तो सांप का रंग और आकार याद रखने की कोशिश करें ताकि डॉक्टर को इलाज में आसानी हो। हालांकि, सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।

​क्या बिल्कुल न करें (इनसे बचें):
​❌ झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के चक्कर में समय नष्ट न करें।
​❌ काटे गए स्थान पर ब्लेड या चाकू से चीरा न लगाएं।
​❌ मुंह से जहर चूसने (Sucking) का प्रयास कतई न करें।
​❌ प्रभावित अंग पर बहुत कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें।
​❌ घाव पर मिट्टी, हल्दी, गोबर, तेल, रसायन या कोई भी घरेलू पदार्थ न लगाएं।
​❌ पीड़ित व्यक्ति को शराब या अन्य कोई नशीला पदार्थ न दें।

​इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
​यदि किसी व्यक्ति को सांप ने काट लिया है, तो उसमें निम्नलिखित सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
​काटे गए स्थान पर तेज दर्द या सूजन होना।
​त्वचा पर दो दांतों के निशान दिखाई देना।
​आंखों की पलकों का झुकना या भारी होना।
​बोलने या कुछ भी निगलने में कठिनाई होना।
​सांस लेने में परेशानी, उल्टी, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।
​शरीर से रक्तस्राव होना या मरीज का बेहोश होना।

​नोट: ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देते ही बिना एक पल गंवाए मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है।

​जन-जागरूकता के लिए प्रशासन की बड़ी अपील
​इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समाज के सभी वर्गों से सहयोग मांगा है। प्रशासन ने ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव और सही उपचार को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि अंधविश्वास के कारण किसी भी नागरिक की जान न जाए।