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रतलाम सराफा बाजार में हड़कंप: लाखों के माल और नकदी के साथ व्यापारी के गायब होने की चर्चा, समाज स्तर पर मामला दबाने की कवायद!

 

 

रतलाम, 12 जुलाई (इ खबर टुडे)। रतलाम का प्रतिष्ठित सराफा बाजार एक बार फिर वित्तीय हेरफेर और दगाबाजी के चलते सुर्खियों में आ गया है। सूत्रों से मिली सनसनीखेज जानकारी के अनुसार, दीनदयाल नगर निवासी और धनजीबाई के नोहरे में दुकान संचालित करने वाले सोनी समाज के एक युवा व्यापारी पर बाजार के कई सोना-चांदी व्यापारियों की भारी-भरकम नकदी और कीमती माल लेकर चपत लगाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि युवक पर बाजार का बड़ा कर्ज था, जिससे पीछा छुड़ाने के लिए उसने इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।

​सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला करीब 10 दिन पुराना है। जब इस बड़ी चपत की भनक मीडियाकर्मियों को लगी और उन्होंने इस संबंध में पड़ताल शुरू की, तो पूरे मामले को दबाने के प्रयास तेज हो गए। युवक के परिजनों और समाज के कुछ रसूखदारों ने मामले को पूरी तरह नकारते हुए इसे 'आपसी मामला' करार दिया। परिजनों का दावा है कि सभी पीड़ित व्यापारियों से बात हो चुकी है और किसी ने भी इस संबंध में पुलिस या किसी अन्य स्तर पर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

​दबाव बढ़ता देख युवक की 'रहस्यमयी' वापसी!
​इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब बात मीडिया और बाजार में सार्वजनिक होने लगी। मामला बिगड़ता देख परिजनों ने आनन-फानन में गायब हुए व्यापारी युवक को रतलाम बुला लिया। अब परिजनों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि युवक कहीं गायब नहीं हुआ था, बल्कि वह अपनी दुकान पर ही सामान्य रूप से काम कर रहा है।

​चर्चाओं का बाजार गर्म: बिल और टैक्स से बचने का खेल?
सराफा बाजार के गलियारों में चर्चा है कि मामला पुलिस तक न पहुंचने की मुख्य वजह समाज का अंदरूनी दबाव तो है ही, साथ ही व्यापारियों द्वारा दिए गए सोने-चांदी के पुख्ता हिसाब और आधिकारिक बिलों की कमी भी हो सकती है। कानूनी पचड़ों और टैक्स के दायरे से बचने के लिए फिलहाल इस पूरे 'लाखों के खेल' को समाज स्तर पर ही रफा-दफा करने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं।