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 रेलवे स्टेशन पंहुचे दो पहिया वाहन चालकों पर आरपीएफ का अत्याचार,वाहन चालकों से वसूले पांच पांच सौ रु.

 

 

रतलाम,21 अक्टूबर (इ खबरटुडे)। अपने परिजनों को लेने या छोडने के लिए रेलवे स्टेशन जाना इन दिनों वाहन चालकों के लिए मुसीबत का काम हो गया है। बुधवार को रेलवे स्टेशन पर अपने दो पहिया वाहनों से गए कई वाहन चालकों को आरपीएफ के अत्याचार का शिकार बनना पडा। आरपीएफ ने वाहन चालकों से पांच पांच सौ रु.वसूल किए। लोग अब यह नहीं समझ पा रहे हैैं कि वे रेलवे स्टेशन जाएं या जाना ही बन्द कर देें।

उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म न. 1 व 2 पर इन्दौर के लिए जाने व आने वाली गाडियां चलती है। शहर के लोग अपने परिजनों को लेने या छोडने के लिए प्लेटफार्म.न.2 के बाहर पंहुचते है तो थोडी देर के लिए उन्हे वहां रुकना होता है ताकि वे भीतर जाकर आ सके। इस थोडे समय के लिए वाहन चालक अक्सर अपने वाहन प्लेटफार्म के बाहर बनाए गए बैरिकैट्स के बाहर खडे कर देते है। बैरिकेटिंग के भीतर रेलवे ने नो पार्किंग का बोर्ड लगा रखा है,लेकिन बाहर के हिस्से में कहीं नो पार्किंग का बोर्ड नहीं है।

बुधवार शाम को्र रेलवे स्टेशन पंहुचे वाहन चालक तब हैरान रह गए जब उनके वाहनों को आरपीएफ कर्मियों द्वारा चेन से बांध दिया गया और वाहन तभी छोडे गए जब प्रत्येक वाहन चालक से पांच पांच सौ रु. वसूल किए गए। आरपीएफ ने करीब अस्सी वाहन चालकों को अपना शिकार बनाया। हांलाकि सभी वाहन चालकों को अर्थदण्ड की रसीद भी दी गई है। लेकिन अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि वाहन चालक स्टेशन पर जाएं या जाना ही छोड दें? थोडे समय के लिए स्टेशन के बाहर जाने पर भी अगर पांच सौ रुपए का अर्थदण्ड भरना पडेगा तो लोग क्या करेंगे?