खौफ के साए में करमदी: सुरक्षा के लिए रतलाम के युवाओं ने थामी लाठियां, पुलिस से लगाई गुहार
रतलाम,14 जून(इ खबर टुडे)। शहर के नजदीकी क्षेत्र करमदी में पिछले तीन दिनों से संदिग्ध गतिविधियों के चलते ग्रामीणों में भारी भय और तनाव का माहौल है। हालात यह हैं कि ग्रामीण रातें खौफ के साए में काटने को मजबूर हैं। क्षेत्र की सुरक्षा भगवान भरोसे होने के कारण अब गांव के युवाओं और किसानों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। अपनी और अपने परिवार की हिफाजत के लिए युवा हाथों में लाठियां लेकर रात-रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि देर रात को अज्ञात बदमाश पिकअप और अन्य वाहनों से गांव तथा आसपास के खेतों में रेकी करते हुए दिखाई देते हैं। इससे क्षेत्र में बड़ी चोरी, डकैती या किसी अप्रिय वारदात की आशंका गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण किसानों और युवाओं को अपनी नींद खराब कर रात भर पहरा देना पड़ रहा है।
माणकचौक थाने पहुंचे ग्रामीण, ड्रोन सर्विलांस की उठाई मांग
सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग को लेकर करमदी क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण माणकचौक थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा मजबूत करने की मांग का एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन रात्रि के समय क्षेत्र में सर्विलांस ड्रोन कैमरों से निगरानी करे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन इस व्यवस्था को करने में असमर्थ है, तो करमदी के रहवासी और किसान अपने निजी खर्च पर ड्रोन खरीदने को तैयार हैं। उन्होंने प्रशासन से इसकी अनुमति देने की मांग की है ताकि वे अपने स्तर पर डिजिटल निगरानी रख सकें।
"आत्मरक्षा में कुछ हुआ तो प्रशासन होगा जिम्मेदार"
ग्रामीणों ने ज्ञापन में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि रात में पहरा देने के दौरान किसी संदिग्ध या बदमाश से उनका आमना-सामना होता है और आत्मरक्षा में कोई स्थिति निर्मित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग
लगातार डर के माहौल में जी रहे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं, इसलिए गांव में तत्काल पुलिस बल तैनात किया जाए और रात्रि गश्त को अनिवार्य रूप से बढ़ाया जाए।