रतलाम मंडल में कवच 4.0 शुरू, नागदा–संत हिरदाराम नगर रेलखंड अब और अधिक सुरक्षित
रतलाम, 07 अगस्त(इ खबर टुडे)। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में 05 अगस्त 2026 को नागदा–संत हिरदाराम नगर रेलखंड के कुल 226.15 रूट किलोमीटर में मानक कवच प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया।
मानक कवच प्रणाली सेफ्टी इंटीग्रटेड लेवल-4 के अनुरूप विकसित एक उन्नत स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है। इसका उद्देश्य ट्रेन परिचालन के दौरान संभावित जोखिमों को कम करना तथा असामान्य परिस्थितियों में लोको पायलट को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए रेल सुरक्षा को और सुदृढ़ करना है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार के मार्गदर्शन में वरिष्ठग मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर(समन्वनय) एवं वरिष्ठर मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर(कार्य) के निर्देशन में नागदा–संत हिरदाराम नगर रेलखंड में संपूर्ण ब्लॉक सेक्शन में मानक कवच प्रणाली का कमीशनिंग किया गया है। रेलखंड में कवच प्रणाली को चरणबद्ध रूप से परिचालन में लाने की व्यवस्था की गई है, जिससे संपूर्ण प्रणाली के कार्यान्वयन में होने वाले समय को कम किया जा सके। कवच प्रणाली के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए आवश्यक टावर लगाने का कार्य प्रगति पर है। टावरों की स्थापना पूर्ण होने के पश्चात इस रेलखंड में कवच प्रणाली का संपूर्ण नेटवर्क और अधिक व्यापक रूप से कार्यशील हो जाएगा।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस उपलब्धि से नागदा–संत हिरदाराम नगर रेलखंड में रेल परिचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता को और मजबूती मिली है। यह रतलाम मंडल द्वारा आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नागदा-गोधरा रेल खंड में कवच प्रणाली का सफल क्रियान्वलयन के उपरांत नागदा-संत हिरदाराम नगर रेलखंड में भी मानक कवच का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा रतलाम-चंदेरिया रेल खंड में भी कवच प्रणाली लगाने का कार्य प्रगति पर है।
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 1864 ट्रैकसाइड आरएफआईडी टैग स्थापित एवं प्रोग्राम किए गए हैं, जो कवच 4.0 के मानकों के अनुरूप कार्य करेंगे। इन टैग के माध्यम से ट्रैक से संबंधित आवश्यक जानकारी कवच प्रणाली तक पहुंचती है, जिससे ट्रेन की सुरक्षित आवाजाही में सहायता मिलती है।
मानक कवच (Kavach 4.0) एक उन्नत स्वचालित सुरक्षा प्रणाली है, जो कवच से सुसज्जित ट्रेनों को संभावित आमने-सामने तथा पीछे से होने वाली टक्कर जैसी परिस्थितियों से बचाव में सहायता करती है। इसके अतिरिक्त, ट्रेन के अनियंत्रित रूप से लुढ़कने तथा अन्य असामान्य परिचालन परिस्थितियों में भी यह प्रणाली सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसी असामान्य स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर ऑनबोर्ड कवच प्रणाली चेतावनी एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई में सहायता करती है।
कवच प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम करने, परिचालन सुरक्षा बढ़ाने तथा रेल सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, यह आधुनिक तकनीक यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
रतलाम मंडल भारतीय रेलवे द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंडल द्वारा भविष्य में भी रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं सुरक्षित रेल परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नवीनतम तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग एवं क्रियान्वयन जारी रखा जाएगा।
#रतलाम मंडल,#पश्चिम रेलवे,#कवच 4.0,#Kavach 4.0,#नागदा संत हिरदाराम नगर रेलखंड,#रेलवे सुरक्षा प्रणाली,#Automatic Train Protection System,#RFID टैग रेलवे,#भारतीय रेलवे कवच सिस्टम,#Ratlam Railway Division,#Western Railway,#Nagda Bhopal Railway Line,#Train Collision Prevention System,#Railway Safety Technology India,#रेल परिचालन सुरक्षा,#मानक कवच प्रणाली,#संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन,#नागदा गोधरा रेलखंड,#रतलाम चंदेरिया रेलखंड,#Indian Railways Kavach Project