{"vars":{"id": "115716:4925"}}

 सड़क हादसों पर लगाम लगाने सड़क पर उतरी रतलाम पुलिस, एसपी ने खुद किया ब्लैक स्पॉट का मुआयना

 ​पीएम मोदी की अपील का असर: ईंधन बचाने के लिए अधिकारियों के लश्कर के बजाय एक ही गाड़ी से निकले एसपी सहित तमाम अफसर
 
 

​रतलाम, 16 मई (इ खबर टुडे)। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आमजन के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए रतलाम पुलिस अब एक्शन मोड में है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस और प्रशासनिक अमले ने राष्ट्रीय राजमार्गों के दुर्घटना संभावित 'हॉट स्पॉट्स' (ब्लैक स्पॉट्स) का बारीकी से संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए मौके पर ही लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, आरटीओ और टोल प्रबंधन को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

​निरीक्षण के दौरान एक अनोखी और अनुकरणीय पहल देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत (पेट्रोल-डीजल संरक्षण) की अपील का पालन करते हुए एसपी अमित कुमार सहित तमाम विभागों के आला अधिकारी अपने अलग-अलग वाहनों के काफिले के बजाय एक ही बड़े वाहन में सवार होकर निकले। इस पहल के जरिए अधिकारियों ने पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण का सकारात्मक संदेश दिया।

​सातरुंडा से बड़ौदा फंटा तक... इन 13 खतरनाक पॉइंट का हुआ सूक्ष्म निरीक्षण
​यह विशेष अभियान सातरुंडा चौराहे से शुरू हुआ। इसके बाद टीम ने रत्नागिरी, बिलपांक फंटा, सालाखेड़ी फंटा, सनावदा फंटा, खाचरोद फंटा, सेजावता फंटा, इप्का फैक्ट्री तिराहा, पंचेड़ फंटा, पलदूना फंटा, नामली गोकुल चाय तिराहा, भैंसा देवी फंटा, कांडरवासा और बड़ौदा फंटा जैसे १३ से अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन स्थानों पर पूर्व में हुए हादसों के कारणों का तकनीकी विश्लेषण भी किया।

​हादसे रोकने के लिए एसपी ने दिए ये महत्वपूर्ण निर्देश
​गति नियंत्रण के लिए प्रत्येक हॉट स्पॉट से ठीक पहले 120 मीटर, 80 मीटर और 50 मीटर की दूरी पर रम्बल स्ट्रिप और ज़िग-ज़ैग बैरिकेडिंग लगाई जाए। सभी ब्लैक स्पॉट्स पर पर्याप्त लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) सुनिश्चित की जाए ताकि रात के समय होने वाले हादसों को टाला जा सके। हाईवे किनारे स्थित पेड़ों, मोड़ों और बाधक स्थलों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि रात में विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहतर हो।

​संकेतक और त्वरित मदद हाईवे पर स्पष्ट यातायात संकेतक, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों को दुर्घटना की स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस और क्रेन जैसी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
​थाना प्रभारियों को गश्त के आदेश: संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील पॉइंट पर नियमित पुलिस गश्त और ट्रैफिक मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

​"सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, सड़क निर्माण एजेंसियों और आमजन का संयुक्त प्रयास जरूरी है। रतलाम पुलिस का यह सुरक्षा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।"
— अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, रतलाम

​निरीक्षण में ये रहे मौजूद
इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल, उप पुलिस अधीक्षक यातायात आनंद स्वरूप सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत, एमपीआरडीसी व आरटीओ की टीमें, टोल प्लाजा प्रबंधन और संबंधित क्षेत्रों के एसडीओपी व थाना प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।