रतलाम / टू-व्हीलर रैपिडो वाहन चालक फैला रहे लव जिहाद, यातायात और आरटीओ विभाग बेखबर
रतलाम, 06 अगस्त (इ-खबर टुडे)। शहर में यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू हुई रैपिडो टू-व्हीलर धूम मचा रही है। रैपिडो ऐप से अकेला यात्री कम दाम पर कहीं भी आ-जा सकता है। नई सुविधा के इस दौर में बेरोजगार युवाओं को एक नया रोजगार भी मिल गया है। हालांकि, इससे मैजिक, ऑटो-रिक्शा और इलेक्ट्रिक-रिक्शा चलाने वालों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, कुछ रैपिडो चालक इसकी आड़ में 'लव जिहाद' जैसे घिनौने काम में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर में रैपिडो टू-व्हीलर वाहन बेधड़क दौड़ रहे हैं। बेरोजगार युवा आसानी से प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर रैपिडो चला रहे हैं। शहर में करीब 300 से ज्यादा कैप्टन बनाए गए हैं और 3000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं, जिससे दिनभर काम करके युवा 800 से 1000 रुपये आसानी से कमाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। रैपिडो का उपयोग करने वाले यात्री को कहीं जाना हो तो अपनी लोकेशन और गंतव्य का पता लिखकर राइड बुक करनी होती है, जिससे आसपास मौजूद रैपिडो चालक के पास राइड की रिक्वेस्ट आ जाती है और महज 5 मिनट के अंतराल में चालक यात्री तक पहुंच जाता है। खास बात यह है कि बुकिंग करते ही यात्री को चालक की पहचान और संभावित किराया (पेमेंट) भी दिख जाता है, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।
सूत्रों के अनुसार, एक बड़ी संख्या उन युवतियों की भी है जो इस ऐप का उपयोग कर रही हैं और वे एक बड़ी साजिश का शिकार हो रही हैं। सूत्रों का दावा है कि प्ले स्टोर से डाउनलोड रैपिडो ऐप पर कैप्टन के रूप में मुस्लिम समुदाय के युवा बड़ी संख्या में रजिस्टर्ड हैं, जो भोली-भाली युवतियों को लव जिहाद का शिकार बना रहे हैं। खास बात यह है कि अधिकतर मुस्लिम युवा, हिंदू युवाओं की आईडी से वाहन चला रहे हैं ताकि उनकी असली पहचान छुपी रहे और वे आसानी से अपने मकसद को पूरा कर सकें।
सूत्रों का कहना है कि ऐप पर चालकों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) और फर्जी या दूसरे के नाम पर आईडी बनाकर वाहन चलाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर संशय बना हुआ है। जानकारों का मानना है कि परिवहन विभाग (RTO), यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इस प्रकार की कमर्शियल टू-व्हीलर सेवाओं के वैधीकरण, चालकों के दस्तावेजों के सत्यापन और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरतने की मांग उठाई जा रही है, ताकि किसी भी सम्भावित खतरे या आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। विभाग को रैपिडो चालकों की गाड़ियों को चिन्हित किया जाना चाहिए, जिससे रैपिडो चालक की पहचान आसानी से किया जा सके।
वैसे तो रैपिडो चालक की आईडी बनाना आसान है, परंतु दूसरी ओर कंपनी के सिटी मैनेजर के अनुसार आईडी बनाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। चालक के मोबाइल नंबर से गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी वेरिफिकेशन होता है, साथ ही मोबाइल नंबर और गाड़ी के नंबर को जीपीएस (GPS) से ट्रैक किया जाता है ताकि गाड़ी चालक की सटीक लोकेशन आसानी से मिल सके।