सिंहस्थ में उज्जैन सहित 8 स्टेशनों पर 753 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे चप्पे पर नज़र रखेगा रेल प्रशासन
रतलाम, 15 सितम्बर(इ खबर टुडे) । सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन क्षेत्र की रेल अधोसंरचना, सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारी भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन करना है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सिगनल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा उज्जैन सहित 8 स्टेशनों पर कुल 753 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का प्रावधान किया गया है, जिनमें 217 कैमरे अकेले उज्जैन स्टेशन पर लगाए जाएंगे। कुल कैमरों में 194 4K फिक्स्ड, 133 पीटीजेड एवं 426 फुल एचडी कैमरे शामिल होंगे। इनके माध्यम से प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग तथा होल्डिंग क्षेत्रों की निगरानी की जा सकेगी।
उज्जैन में केंद्रीकृत कंट्रोल-कम-सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से निगरानी व्यवस्था, यात्री सूचना एवं उद्घोषणा प्रणाली का समन्वय किया जा सकेगा। इससे भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ त्वरित समन्वय में सहायता मिलेगी।
यात्रियों को ट्रेन के आगमन, प्रस्थान एवं प्लेटफॉर्म संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए यात्री एवं गाड़ी सूचना प्रदर्शन प्रणाली तथा
रान उज्जैन स्टेशन पर यात्री दबाव कम करने के उद्देश्य से नईखेड़ी, पवासा, लेकोड़ा, पिंगलेश्वर, विक्रमनगर, मोहनपुरा एवं चिंतामन गणेश सहित आसपास के स्टेशनों पर भी आवश्यक यात्री सुविधा, निगरानी, संचार एवं परिचालनिक कार्य किए जा रहे हैं।
विशेष ट्रेनों के सुगम संचालन के लिए नईखेड़ी, पवासा, लेकोड़ा, पिंगलेश्वर, विक्रमनगर एवं उज्जैन में अतिरिक्त लूप लाइन, स्टेबलिंग लाइन, इमरजेंसी क्रॉसओवर, कॉमन लूप लाइन तथा स्टेशन एवं यार्ड से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं से विशेष ट्रेनों के रेकों की स्टेबलिंग एवं ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।
सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे इन कार्यों से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यात्री सुविधा एवं ट्रेन संचालन को मजबूती मिलेगी तथा बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर एवं सुव्यवस्थित रेल यात्रा सुनिश्चित करने में सहायता प्राप्त होगी।