Raag Ratlami Congress : पंजा पार्टी को ही झटका दे गए दिग्गी राजा/अस्पताल में दिखी अफसरों की दिखावटी संवेदनशीलता
-तुषार कोठारी
रतलाम। दस साल तक सूबे की कमान सम्हालने और पंजा पार्टी वाले पप्पू के सियासी उस्ताद कहलाने वाले दिग्गी राजा चन्द घण्टो के लिए रतलाम आए और पंजा पार्टी को ही भारी झटका दे गए। दिग्गी राजा आए तो पंजा पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात करने और उनके हाल चाल जानने के लिए , लेकिन इसी दौरान उन्होने खबरचियों के जरिये पंजा पार्टी के हालिया मुखिया को जोरदार झटका भी दे दिया।
चालू दौर में प्रदेश में पंजा पार्टी की कमान सम्हालने वाले इन्दौरी नेता ने पिछले दिनों प्रदेश के मुखिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए यह कहा था कि मुखिया जी ने बेशकीमती सरकारी जमीन एक ट्रस्ट को महज एक रुपए की लीज पर दे दी है और इसमें बडा घोटाला हुआ है। पंजा पार्टी के मुखिया और नेता प्रतिपक्ष दोनो ही उस प्रेस कान्फ्रेन्स में मौजूद थे और दोनो ने ही यह आरोप फूल छाप पार्टी पर लगाया था।
रतलाम पंहुचे दिग्गी राजा वैसे तो फूल छाप पार्टी और फूल छाप पार्टी को मदद करने वाले काली टापी वाले संगठन को,राम मन्दिर चन्दा चोरी वाले मामले में आडे हाथों लेना चाहते थे,लेकिन इसी दौरान उन्होने धीरे से पंजा पार्टी को भी जोर का झटका दे मारा। दिग्गी राजा ने पहले तो फूल छाप पार्टी राम मन्दिर ट्रस्ट को जमकर कोसा और घोषणा कर दी कि वे अपने घर पर एक बैनर लगाएंगे जिस पर लिखा होगा चंदा चोरी वालो का प्रवेश मना है। लेकिन फिर जब बात मध्यप्रदेश के मुखिया द्वारा ट्रस्ट को एक रुपए में जमीन देने की बात आई तो दिग्गी राजा ने साफ साफ कह दिया कि यह आरोप गलत है। सरकार ने जिस ट्रस्ट को जमीन दी है वह सरकारी ट्रस्ट है और इस मामले में कोई गडबडी नहीं हुई है। उन्होने वो सफाई खुद दे दी,जो फूल छाप पार्टी को देना चाहिए थी। इतना ही नहीं ये सफाई देकर दिग्गी राजा ने पंजा पार्टी के मुखिया का भी कचरा कर डाला।एक तरह से उन्होंने बता दिया कि पंजा पार्टी के मुखिया बिना तथ्य जांचे मनमाने आरोप लगा देते है।
दिग्गी राजा जो चाहते थे,वो कर चुके थे। लेकिन बाद में एक जगह उलझ कर भी रह गए। दिग्गी राजा से जब पंजा पार्टी के पप्पू द्वारा बार बार अदालतों में माफी मांगे जाने का सवाल पूछा गया तो वे गडबडा गए और सवाल को टाल गए। उनसे पूछा गया था कि पप्पू के बार बार माफी मांगने से पंजा पार्टी की विश्वसनीयता पर क्या खतरा नहीं मण्डराता? दिग्गी राजा बोले गलतफहमी के कारण उन्हे केवल एक बार कोर्ट में माफी मांगना पडी है। इस पर उन्हे बताया गया कि चौकीदार चोर वाले मामले में भी उन्हे माफी मांगनी पडी थी,दिग्गी राजा सवाल ही टाल गए।
दिग्गी राजा तो कुछ ही घण्टो में चले गए लेकिन पंजा पार्टी में अब इस बात की बडी चर्चा है कि दिग्गी राजा ने जिस तरह पंजा पार्टी के मुखिया को झटका दिया है,उससे इस बात के संकेत साफ है कि पंजा पार्टी में जल्दी ही कोई बडी उठापटक हो सकती है।
सरकारी लापरवाही में गई जान,अफसरो ने दिखाई बनावटी संवेदनशीलता
जालीदार गोल टोपीवालो का मातमी त्यौहार इस बार दोगुना मातमी बन गया। हतनारा गांव में निकल रहे ताजियों के जुलूस में शामिल तीन लोगों की करन्ट लगने से मौत हो गई जबकि दर्जन भर लोग बुरी तरह घायल हो गए। त्यौहार के बीच पेश आए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
सरकारी लापरवाही से हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला इंतजामिया के अफसरों ने मामले की जांच के लिए फरमान जारी कर दिए। गाव वाले तो पहले ही कह रहे थे कि आम तौर पर जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइनों का विद्युत प्रवाह बन्द कर दिया जाता है,लेकिन इस बार बिजली वाले इस बात को भूल गए,जिसका खामियाजा तीन निर्दोषों को अपनी जान देकर और दर्जन भर लोगों को घायल होकर चुकाना पडा।
बिजली कम्पनी ने मामले में अपने कारिन्दों की लापरवाही को मानते हुए,इस काम से जुडे तीन कारिन्दों को बर्खास्त भी कर दिया और इस बात को जगजाहिर किया कि जिन लोगो ने लापरवाही बरती थी,उन्हे सजा दे दी गई है। घायलों को मेडीकल कालेज भिजवा दिया गया और उनका इलाज भी शुरु कर दिया गया।
जिला इंतजामिया की बडी मैडम जी और शहर वाले साहब दोनो इन घायलों से मिलने भी पंहुच गए। मैडम जी ने डाक्टरों को घायलों का इलाज सही से करने का हुक्म भी दे दिया। मैडम जी के ढाढस बंधाने से घायलों को कुछ अच्छा भी महसूस हुआ। लेकिन घायल होने वाले और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन ये सोच रहे है कि सिर्फ ढाढस बन्धा देने से सबकुछ ठीक हो जाएगा? जिन लोगों ने अपने सगे खोए है उन्हे कफन दफन के लिए कोई छोटी सी रकम भी जिला इंतजामिया ने देने की जरुरत नहीं समझी। जब मरने वालों को ही कुछ नहीं मिला तो घायलों को तो इसकी उम्मीद भी नहीं करना चाहिए। कुल मिलाकर उन्हें यही लग रहा है कि जो संवेदनशीलता दिख रही थी वो बनावटी ही थी वरना कुछ ना कुछ तो जरूर दिया जाता।