सीमांकन के लिए भटक रहा अन्नदाता: पटवारी और आरआई की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
रतलाम, 05मई (इ खबर टुडे)। जिले में प्रशासनिक सुस्ती और पटवारी व आरआई की कथित मनमानी से परेशान होकर अब आम जनता का धैर्य जवाब देने लगा है। ताजा मामला रतलाम जिले का है, जहां एक किसान ने सीमांकन न होने और अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने के विरोध में सपरिवार भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे प्रार्थी दशरथ सिंह पिता गोपाल सिंह राजपूत ने जिला कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने अपनी कृषि भूमि नामली के ग्राम बड़ोदा (अंगेठी) स्थित सर्वे नंबर 398/1 व 398/3 के सीमांकन के लिए काफी समय पहले आवेदन किया था। आवेदन के पश्चात 24 अप्रैल 2024 को सीमांकन की तारीख भी तय की गई थी।
दशरथ सिंह का आरोप है कि सीमांकन के दौरान उनकी कुल 8 लाइन की जमीन में से कुछ हिस्से का सीमांकन तो किया गया, लेकिन बाकी हिस्से को अधूरा छोड़ दिया गया। किसान का कहना है कि उन्होंने कई बार पटवारी और आरआई मैडम से इस संबंध में गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
शिकायती पत्र में किसान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी द्वारा सीमांकन के नाम पर बार-बार रुपयों की मांग की जा रही है। किसान ने स्पष्ट किया कि "पटवारी का कहना है कि यदि रुपए दोगे तो ही नापती करेंगे, वरना नहीं।" अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये से परेशान होकर किसान अब आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है।
10 दिन का दिया अल्टीमेटम
पीड़ित किसान ने कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि उनकी भूमि का सीमांकन जल्द से जल्द सही तरीके से करवाया जाए। पत्र के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि आज 5 मई 2026 से अगले 10 दिनों के भीतर सीमांकन कार्य पूर्ण नहीं हुआ और समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो वे अपने पूरे परिवार के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
किसान ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि इस गंभीर शिकायत के बाद जिला प्रशासन मामले में क्या संज्ञान लेता है।