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 रतलाम में आबकारी नियमों की उड़ी धज्जियां: सैलाना बाईपास दुकान पर बेधड़क बिक रही पंजाब की शराब, विभाग मौन

 

​रतलाम, 22 मई (इ खबर टुडे)। रतलाम जिले की सैलाना तहसील से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शासन और प्रशासन के सख्त नियमों को ताक पर रखकर शराब ठेकेदार द्वारा अवैध मुनाफे का खेल खेला जा रहा है। सैलाना बाईपास स्थित शराब दुकान पर खुलेआम दूसरे राज्य (पंजाब) की शराब बेची जा रही है। यह सीधे तौर पर मध्य प्रदेश शासन के राजस्व को चूना लगाने और आबकारी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का मामला है।

​नियमों के मुताबिक, किसी भी राज्य में बिकने वाली शराब की बोतल पर स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि "केवल उसी संबंधित राज्य में बिक्री के लिए" (For Sale in [State] Only)। लेकिन सैलाना बाईपास की दुकान पर जिम्मेदार ठेकेदार अपने निजी स्वार्थ और मोटे मुनाफे के चक्कर में पंजाब राज्य की शराब ग्राहकों को थमा रहा है।
​अमूमन आम ग्राहक दुकान पर जाकर सीधे शराब खरीद लेता है और बोतल पर लगे लेबल या नियमों को ध्यान से नहीं देखता, इसी बात का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को खुली चुनौती दी जा रही है।

​आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
​इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जिले के आबकारी विभाग पर खड़ा होता है। विभाग द्वारा समय-समय पर शराब दुकानों की चेकिंग करने और अवैध शराब पर कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन सैलाना बाईपास जैसी मुख्य लोकेशन पर, दुकान के भीतर से ही दूसरे राज्य की शराब का बिक जाना विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करता है। ​बड़ा सवाल यह है कि क्या आबकारी विभाग की आंखें इतनी बड़ी अनियमितता को देख नहीं पा रही हैं, या फिर इस पूरे खेल को 'मौन स्वीकृति' दी गई है?

​राजस्व को लग रहा है भारी चूना
​दूसरे राज्यों की शराब को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश में लाकर बेचना एक गंभीर आबकारी अपराध है। इससे न केवल शासन के राजस्व (Tax) का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिल रहा है।
​अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिला कलेक्टर और आबकारी विभाग के उच्च अधिकारी इस लापरवाह ठेकेदार पर क्या ठोस कार्रवाई करते हैं, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही 'बेधड़क' चलता रहेगा।