भाजपा युवा मोर्चा में Gen-Z विंग बनाने का सुझाव, पूर्व जिलाध्यक्ष बजरंग पुरोहित ने राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा पत्र
रतलाम, 25 अगस्त (इ खबर टुडे)। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं उज्जैन जिला प्रभारी बजरंग पुरोहित ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सुझाव पत्र भेजकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अंतर्गत 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए विशेष Gen-Z (जेन-जी) विंग गठित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की युवा पीढ़ी की सोच, संवाद की भाषा और तकनीक व सोशल मीडिया से जुड़ाव पारंपरिक राजनीति से अलग है। ऐसे में संगठन को Gen-Z युवाओं से जुड़ने के लिए आधुनिक और प्रभावी मंच तैयार करने की जरूरत है।
पुरोहित ने यह सुझाव पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा संगठन मंत्री छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश अजय जामवाल तथा मध्यप्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए भेजा है।
14 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए अलग संगठनात्मक विंग
सुझाव पत्र में बजरंग पुरोहित ने कहा कि वर्तमान में युवा मोर्चा में 18 से 35 वर्ष तक के युवा शामिल हैं। वहीं 14-15 वर्ष के किशोरों और 30-35 वर्ष के युवाओं की प्राथमिकताएं और सोच काफी अलग होती हैं। इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए युवा मोर्चा के अंतर्गत 14 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए अलग Gen-Z विंग या प्रभाग गठित किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस विंग का संगठनात्मक ढांचा पारंपरिक अध्यक्ष और सचिव जैसे पदों पर आधारित होने के बजाय आधुनिक स्वरूप में तैयार किया जाए। इसके लिए कम्युनिटी लीडर्स, डिजिटल एंबेसडर और कोलैबोरेटर्स जैसी भूमिकाएं तय की जा सकती हैं, ताकि Gen-Z पीढ़ी को संगठनात्मक गतिविधियों से अधिक सहजता से जोड़ा जा सके।
लंबे भाषणों के बजाय पॉडकास्ट और रील्स
पत्र में Gen-Z युवाओं तक पहुंचने के लिए पार्टी के संवाद के तरीकों में बदलाव का सुझाव दिया गया है। पुरोहित ने कहा कि लंबे भाषणों के बजाय छोटे पॉडकास्ट, टाउनहॉल मीटिंग, ओपन माइक तथा रील्स और शॉर्ट्स जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इनके माध्यम से पार्टी की नीतियों और विचारों को युवाओं के बीच अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
इसके साथ ही Gen-Z विंग को युवाओं के भविष्य से जुड़े आधुनिक विषयों पर खुलकर चर्चा करने का मंच बनाने का सुझाव दिया गया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग इंडस्ट्री, स्टार्टअप, मानसिक स्वास्थ्य तथा सस्टेनेबल एनर्जी जैसे सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े विषय शामिल हैं। युवाओं के सुझावों को सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था भी विकसित करने की बात कही गई है।
कॉलेज और स्कूल स्तर पर गतिविधियों का सुझाव
बजरंग पुरोहित ने Gen-Z युवाओं को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया है। इसके लिए कॉलेज और स्कूल स्तर पर हैकाथॉन, गेमिंग कॉम्पिटिशन, पर्यावरण संरक्षण अभियान और स्किल-डेवलपमेंट वर्कशॉप आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से इस आयु वर्ग के युवाओं को पार्टी के मंच से जोड़ने की बात कही गई है।
वैश्विक स्तर पर Gen-Z के असंतोष का उल्लेख
सुझाव पत्र में वैश्विक स्तर पर Gen-Z युवाओं के बीच स्थापित व्यवस्थाओं के प्रति बढ़ते असंतोष और आंदोलनों का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि कई देशों में Gen-Z आबादी स्थापित व्यवस्था के खिलाफ विरोध, अराजकता और नकारात्मक आंदोलनों का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है। पत्र के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए राष्ट्र-विरोधी ताकतें युवाओं की अपरिपक्व समझ का फायदा उठाकर उन्हें भ्रमित कर सकती हैं।
राष्ट्रवाद और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर
पुरोहित ने सुझाव दिया कि युवाओं को केवल राजनीतिक रैलियों और आयोजनों की भीड़ का हिस्सा बनाने के बजाय राष्ट्र निर्माण की रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों का भ्रमण यानी बॉर्डर टूरिज्म, स्थानीय इतिहास एवं स्वतंत्रता सेनानियों पर रील और डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिताएं तथा आपदा प्रबंधन गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
पत्र में कहा गया है कि जब युवा देश की जमीनी वास्तविकता और सांस्कृतिक जड़ों को करीब से देखेंगे तो उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। सुझाव के अनुसार युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में प्रभावी कदम हो सकता है।
‘आने वाले दशक का मजबूत सिपाही’ बनाने की बात
सुझाव पत्र के अंत में बजरंग पुरोहित ने कहा है कि यदि भाजपा युवा मोर्चा के भीतर Gen-Z के लिए समय रहते एक समर्पित, आधुनिक और संवेदनशील मंच तैयार करती है तो इससे युवाओं को वैश्विक स्तर पर उभर रहे वैचारिक भटकाव से बचाने के साथ उन्हें विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने अपने पत्र को संगठन के हित में एक विनम्र सुझाव बताते हुए उम्मीद जताई है कि पार्टी नेतृत्व इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगा।