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 बारुईपुर रेप-मर्डर केस का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में ढेर

 बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद दुष्कर्म के किसी आरोपी के एनकाउंटर का यह पहला मामला
 
 मामले में एक और आरोपी कबीर मोल्ला गिरफ्तार, अब तक कुल 4 गिरफ्तारियां और हिंसा के मामले में 20 दबोचे गए

 

कोलकाता, 08 जुलाई (इ खबर टुडे)। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई बर्बरता और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की मंगलवार देर रात पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मौत हो गई। राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद यह पहला मामला है, जब दुष्कर्म के किसी आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई है। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई उस समय हुई जब आरोपी ने हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बारुईपुर थाना कांड संख्या 1350/26 की जांच के सिलसिले में मंगलवार रात करीब 12:45 बजे जांच अधिकारी (IO) अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर ले गए थे। वहां अपराध के घटनाक्रम को समझने के लिए 'क्राइम रिकंस्ट्रक्शन' (दृश्य पुनर्निर्माण) कराया जा रहा था।

पुलिस का दावा है कि इसी दौरान प्रभास मंडल ने अचानक एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और वहां से भागने का प्रयास किया। उसने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए एक राउंड फायरिंग भी की। पुलिस ने तुरंत आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें प्रभास गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल बारुईपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटनाक्रम की आवश्यक कानूनी जांच और सभी तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी गई है।

सीसीटीवी फुटेज से मिला था सुराग, बोरे में मिला था शव
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका रही। जांच के दौरान मिले एक फुटेज में प्रभास मंडल को पीड़िता के साथ जाते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर सोमवार को उसकी गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने मासूम का बोरे में बंद शव बरामद किया था। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रभास लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी कर रहा था, लेकिन उससे मिली शुरुआती कड़ियों के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।

एक और आरोपी गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारियां हुईं 4
इस बीच, पुलिस ने मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए एक और सह-आरोपी कबीर मोल्ला को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस बर्बर कांड में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इसके अलावा, घटना के बाद बारुईपुर में पुलिस पर हुए हमले और उपद्रव के मामले में भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी: लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गिरेगी गाज
बारुईपुर की इस संवेदनशील घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि "मासूम के हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" मुख्यमंत्री ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर पुलिस महानिदेशक (DGP) को 72 घंटे के भीतर जांच में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर पुलिस की ढिलाई या लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।