{"vars":{"id": "115716:4925"}}

सैलाना में गौवंश हत्या का मामला: पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार, वाहन जप्त

​वारदात के विरोध में रात भर हुआ था चक्काजाम, पुलिस के आश्वासन के बाद शांत हुए थे हिंदू संगठन
 



रतलाम, 18 जून (इ खबर टुडे)। समीपवर्ती कोटड़ा रोड पर नर्सिंग कॉलेज के सामने गौवंश की निर्दयतापूर्वक हत्या करने के मामले में सैलाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जप्त कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पहले भी गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

​उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात को जैसे ही गौवंश के अवशेष मिलने की खबर फैली, क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। इस क्रूर वारदात के विरोध में हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भारी आक्रोश व्यक्त किया। नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर रात भर चक्काजाम कर दिया। माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा आरोपियों को दो दिन के भीतर गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद ही नाराज कार्यकर्ता माने और चक्काजाम समाप्त किया। प्रशासन के आश्वासन के मुताबिक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तय समय से पहले ही आरोपियों को दबोच लिया।

​क्या है पूरा मामला?
​पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन बुधवार को विनोबा मार्ग (गवली मोहल्ला) निवासी फरियादी राजवीर पिता दिलीप ग्वाले ने थाना सैलाना पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी को 16 जून की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि बांसवाड़ा रोड स्थित नर्सिंग कॉलेज के सामने खेत के किनारे एक गाय का कटा हुआ सिर, पैर और चमड़ी पड़ी हुई है। फरियादी ने तुरंत अपने साथियों रोहित जोशी, संदीप टिकादार और जीवन कसेरा को मौके पर बुलाया। अज्ञात बदमाशों ने अत्यंत क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 201/2026, धारा 4, 9 म.प्र. गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

​एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम, ऐसे हत्थे चढ़े आरोपी
​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी और एसडीओपी (सैलाना) श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में सैलाना थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीमती पिंकी आकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

​पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मुखबिरों तथा तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस की सक्रियता के चलते गोपनीय सूचना के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद कर लिया है।

​पकड़े गए आरोपियों का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
​पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी शातिर और आदतन अपराधी ​सुनील पिता रमसु वसुनिया (निवासी: ग्राम इटावा, झाबुआ) के खिलाफ पहले भी थाना रिंगनोद (रतलाम) और थाना नागदा (उज्जैन) में गौवंश वध प्रतिषेध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। दूसरे आरोपी ​दुलसिंह पिता बारजी डिंडोर (निवासी: ग्राम कोटड़ा, सैलाना) के खिलाफ थाना सैलाना में मारपीट व धमकाने के दो मामलों के अलावा थाना रावटी (रतलाम) में भी गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम का मामला दर्ज है।

​इनकी रही सराहनीय भूमिका
​इस अंधे कत्ल और गंभीर मामले का चन्द घंटों में खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी निरी. पिंकी आकाश, उनि शिवाजी राव जगताप, सउनि शंकरसिंह शक्तावत, हितेंद्र सिंह परिहार, सीताराम तेनीवार, प्रआर नरेंद्रसिंह, मनीष ओझा, पप्पू वाघेला, संदीप भदोरिया, आरक्षक फकीरचंद सोलंकी, तूफान भूरिया, दिनेश पाटीदार, यशपाल धनगर, मनीष खराड़ी, सूर्यप्रसाद, विजय मोहनिया, भारत अलावा, मुरली कटारिया, संदीप भदौरिया सहित सायबर सेल के कार्यवाहक प्रआर मनमोहन शर्मा और आरक्षक विपुल भावसार की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।