रतलाम / 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, सीमांकन के बदले मांगे थे रुपए
रतलाम,16अप्रैल (इ खबर टुडे)। प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। आज उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने रतलाम जिले की सैलाना तहसील में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी कैलाश वड़ख्या को 20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने जमीन के सीमांकन (नपती) के बदले आवेदक से मोटी रकम की मांग की थी।
शिकायतकर्ता जितेंद्र पाटीदार, निवासी ग्राम अडवानिया ने लोकायुक्त को शिकायत करते हुए बताया कि उनके पिता ईश्वर लाल के नाम पर सैलाना और बागरियों की खेड़ी में करीब 5 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इस भूमि की नपती के लिए उन्होंने 22 जनवरी 2026 को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सीमांकन नहीं हुआ, तो जितेंद्र ने तहसील कार्यालय में हल्का पटवारी कैलाश वड़ख्या से संपर्क किया। पटवारी ने नपती करने के एवज में ₹30,000 की रिश्वत मांगी।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान होकर आवेदक ने 10 अप्रैल को लोकायुक्त एसपी (उज्जैन) आनन्द कुमार यादव को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की तस्दीक के दौरान सामने आया कि पटवारी ₹7,000 कम करने को तैयार हो गया था और ₹3,000 की पहली किस्त वह पहले ही ले चुका था। शेष ₹20,000 देने के लिए आज का दिन तय किया गया था।
तहसील कार्यालय में मची अफरा-तफरी
गुरुवार को जैसे ही जितेंद्र पाटीदार रिश्वत की शेष राशि ₹20,000 लेकर सैलाना तहसील के नायब नाजिर कक्ष में पहुँचा और पटवारी को पैसे दिए, पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। जैसे ही आरोपी के हाथ धुलवाए गए, वे गुलाबी हो गए। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
इनकी रही मुख्य भूमिका
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशानुसार हुई इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक विशाल रेशमिया, उमेश और श्याम शर्मा की मुख्य भूमिका रही। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।