होली के उपलक्ष्य में 'सात्विक होलिका' का हुआ दहन, पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
रतलाम,03 मार्च (इ खबर टुडे )। होली के पावन पर्व के अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के 'स्वच्छ और स्वस्थ होली' अभियान के अंतर्गत रॉयल कॉलेज, रतलाम एवं अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पर्यावरण संरक्षण और गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई अपील को कार्यरूप देते हुए, रतलाम जिले में पहली बार शुद्ध देसी गाय के गोबर से बने कंडे व गौ-काष्ठ का उपयोग कर 'सात्विक होलिका' का पूजन एवं दहन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी जी रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा और गौ-सेवा के साथ त्योहार मनाना ही वास्तविक 'सात्विक उत्सव' है।
इसी क्रम में संस्था के अध्यक्ष प्रमोद गुगालिया जी ने अपना संदेश देते हुए कहा कि त्योहार केवल खुशियों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि अपनी प्रकृति और जड़ों से जुड़ने का माध्यम भी हैं। उन्होंने बताया कि गौ-काष्ठ का उपयोग न केवल प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि हमारी गौ-शालाओं के स्वावलंबन और 'ग्रीन रतलाम' के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इसके पश्चात, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे ने उपस्थित जनों को पर्यावरण संरक्षण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे गो-काष्ठ का उपयोग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वायुमंडल को शुद्ध करता है और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकने में सहायक सिद्ध होता है। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं संस्था के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों, स्टाफ और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस वर्ष होलिका दहन में केवल गो-काष्ठ व कंडों का उपयोग करने का संकल्प लिया। आयोजन में मुख्य रूप से जयंत वोहरा , ओ पी जैन, महेन्द्र भंडारी (जिला सचिव), नरेश सकलेचा (जिला पर्यावरण प्रमुख), मांगीलाल मोदी एवं राज मोदी उपस्थित रहे। साथ ही रोटरी क्लब से हरीश वर्मा, श्याम कुमार लालवानी, विनोद मोघे एवं आदर्श दुबे भी उपस्थित रहे।
रॉयल कॉलेज की ओर से डॉ. मनीष सोनी, डॉ. आर. के. अरोरा, डॉ. प्रवीण मंत्री, प्रो. प्रफुल्ल उपाध्याय, प्रो. जगदीश दुके, डॉ. अमित शर्मा, प्रो. कपिल कैरोल, प्रो. दीपिका कुमावत, प्रो. धर्मराज भारद्वाज, प्रो. गजराज सिंह राठौड़, प्रो. नीतेश भारद्वाज सहित अन्य प्राध्यापक गण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।