खेत की मेड़ का विवाद और सामाजिक रंजिश: ग्राम कोटड़ी में हुए हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, महिला सहित 4 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम, 22 जून (इ खबर टुडे)। थाना ताल अंतर्गत ग्राम कोटड़ी में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के आरोप में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह खेत की मेड़ (सीमा) का पुराना विवाद और सामाजिक रंजिश बताई जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कोटड़ी मंडावल निवासी फरियादी मनोहरसिंह डांगी ने थाना ताल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बड़ा भाई राजेन्द्रसिंह डांगी (मृतक) 19 जून को ट्रैक्टर लेकर खेत पर हकाई करने गया था, लेकिन रात तक घर नहीं लौटा। अगले दिन 20 जून की सुबह खेत में उसका लहूलुहान शव मिला। राजेन्द्रसिंह के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के गंभीर निशान थे। पुलिस ने इस मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
साजिश रचकर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी आलोट सुश्री पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि खेत की मेड़ को लेकर उनका मृतक से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके साथ ही परिवार को समाज से बाहर किए जाने की रंजिश भी थी। इसी के चलते 19 जून की शाम को जब राजेन्द्रसिंह खेत पर अकेला मिला, तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल चारों आरोपी उमरावसिंह डांगी (46) पिता नाथुजी डांगी, जितेन्द्र (22) पिता उमरावसिंह डांगी, जगदीश (42) पिता नाथुजी डांगी, भूलीबाई (42) पति उमरावसिंह डांगी (सभी निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा, थाना ताल) को दबोच लिया, जिन्हें न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में ताल थाना प्रभारी निरीक्षक स्वराज डाबी, आलोट थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम, बरखेड़ाकला थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे की टीमों सहित रतलाम सायबर सेल का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। पुलिस टीम की इस त्वरित सफलता की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है।