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 रतलाम / जुड़वा बच्चों को पानी की टंकी में डुबोकर मारने वाली मां को दोहरा आजीवन कारावास, पिता को साक्ष्य छिपाने में सजा

 

 

रतलाम, 31 जुलाई (इ खबर टुडे)। रतलाम की एक अदालत ने दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या करने वाली कलयुगी मां को दोहरे आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, साक्ष्य छिपाने के मामले में बच्चों के पिता को भी 3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सनसनीखेज घटना 20 नवंबर 2024 को मानक चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत मदीना मस्जिद के पीछे वेद व्यास कॉलोनी की है।

इस तरह सामने आया था मामला
घटना दिवस पर मकान मालिक इरशाद कुरैशी ने माणक चौक थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उनके मकान की ऊपरी मंजिल पर किराए से रहने वाले आमिर कुरैशी की पत्नी पम्मी उर्फ मुस्कान घर पर अपने जुड़वा बच्चों (हसन और फातिमा) के साथ थी। पड़ोसियों की सूचना पर जब अंदर जाकर देखा गया तो चार माह के मासूम बेटा हसन और बेटी फातिमा पानी के ड्रम (सिंटेक्स की टंकी) में मृत अवस्था में मिले थे।

घटना के बाद बिना पुलिस को सूचना दिए परिजनों ने दोनों बच्चों के शवों को शैरानीपुरा के कब्रिस्तान में दफना दिया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की। उप निरीक्षक दीपक डामोर द्वारा तहसीलदार की उपस्थिति में कब्र से दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें बच्चों की मौत पानी में डूबने से होना स्पष्ट हुई।

गुस्से में आकर उठाया था खौफनाक कदम
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पूर्व (19 नवंबर 2024) पति आमिर के किसी रिश्तेदार के यहां गमगीन माहौल होने के कारण उसकी सास घर आई थी। जब आमिर और उसकी सास जाने लगे तो मुस्कान ने आमिर को रुकने के लिए कहा क्योंकि वह अकेले दोनों जुड़वा बच्चों को नहीं संभाल पा रही थी।

पति और सास द्वारा बात नहीं माने जाने पर मुस्कान अत्यधिक नाराज हो गई और उसने गुस्से में आकर दोनों मासूमों को खत्म करने का खौफनाक कदम उठा लिया। उसने पहले एक बच्चे और फिर दूसरे बच्चे को पानी की सिंटेक्स की टंकी में डुबोकर मार डाला। इसके बाद नाटक करते हुए पति को फोन कर बच्चों के गायब होने की झूठी सूचना दी थी।

अदालत का फैसला
अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में इस मामले का विचारण हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से लगभग 24 साक्षी पेश किए गए, जिनमें से 16 साक्षियों के पक्षविरोधी होने के बावजूद अभियोजन ने (परिस्थितिजन्य साक्ष्यों) और मजबूत तर्कों के आधार पर अपराध साबित किया।

मां पम्मी उर्फ मुस्कान को जुड़वा बच्चों की हत्या का दोषी पाए जाने पर दोहरा आजीवन कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पिता आमिर कुरैशी को पुलिस को सूचना दिए बिना शवों को द अपनाकर साक्ष्य छिपाने का दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष का कारावास एवं 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से सशक्त पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।