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ई-स्कूटी ब्लास्ट मामला: 16 वर्षीय बेटी के बाद मां ने भी तोड़ा दम, 10 लाख के मुआवजे के बाद उठा शव; तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

 

 

​रतलाम, 06 सितंबर (इ खबर टुडे)। शहर की विंध्यवासिनी कॉलोनी में 19 अगस्त की तड़के ई-स्कूटी में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी हादसे में झुलसी मां बिंदु कुंवर (36) ने भी इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के 13 दिन बाद उनकी छोटी बेटी अंतिम (16) की मौत हो चुकी थी, जबकि बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी (20) सुरक्षित है।

​मां-बेटी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने राजपूत समाज और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर रविवार को माणक चौक स्थित वारिवो ई-स्कूटी शोरूम के बाहर मां का शव रखकर उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी की।

10 लाख रुपये के मुआवजे पर बनी सहमति
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद ई-स्कूटी संचालक की ओर से पीड़ित परिवार को कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई, जिसमें 8 लाख रुपये का चेक और 2 लाख रुपये नकद शामिल हैं। आर्थिक सहायता मिलने के बाद परिजन और समाजजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमत हुए।

​प्रशासन को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद करणी सेना और परिजनों ने जिलाधीश के नाम शहर तहसीलदार कुलभूषण शर्मा को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से घटना की उच्चस्तरीय फॉरेंसिक जांच, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई, मॉडल की बिक्री पर रोक लगाने, इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति और बची हुई बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी कुंवर को अनुकंपा नियुक्ति व विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग रखी गई।

​अनुकंपा नियुक्ति का मिला आश्वासन
तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मृतका बिंदु कुंवर झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील के ग्राम गुनावद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थीं। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है और पात्रता के अनुसार बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी की अनुकंपा नियुक्ति व अन्य शासकीय कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर ली जाएगी।

​शोरूम संचालक पर केस दर्ज
दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार ई-स्कूटी संचालक के विरुद्ध गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।